सार्वजनिक सम्पत्तियों से अवैध कब्जा हटाना आवश्यक: विजय बहादुर पाठक
लखनऊ, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र-2026 के तृतीय दिवस बुधवार को सदन की कार्यवाही में सहभाग करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने नियम 110 के तहत सार्वजनिक सम्पत्तियों से अवैध कब्जा हटाने की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
विजय बहादुर पाठक ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक उपयोग की भूमि, विशेषकर चारागाह, नदी, तालाब एवं अन्य श्रेणी की सरकारी भूमि के संरक्षण तथा उसके आवंटन में अनियमितताओं के गंभीर मामले समय-समय पर प्रकाश में आते रहे हैं। अमरोहा में वर्ष 1987 से 2000 के मध्य नियमों की अनदेखी करते हुए चारागाह, नदी एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की लगभग 2880 बीघा सरकारी भूमि की श्रेणी परिवर्तित कर 500 से अधिक पट्टे आवंटित किए गए।
इसी तरह जनपद आजमगढ़ के ग्राम सभा बड़सरा खालसा में ग्राम पंचायत की 150 बिघे जमीन पर अतिक्रमण हुआ है। यह मामला सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण, राजस्व अभिलेखों की शुचिता तथा प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जिन भूमियों का राजस्व अभिलेखों में चारागाह, नदी, तालाब एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में उल्लेख था, उनकी श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित किए गए। अमरोहा के प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने भी संबंधित अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारी तय किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। ऐसी अनियमितताओं के कारण सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण बढ़ता है, पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है तथा भविष्य में ग्राम समाज एवं आम जनता के हितों को गंभीर क्षति पहुँचती है।
सदन के माध्यम से उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में चारागाह, नदी, तालाब एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि के आवंटन की व्यापक जांच कराई जाए। जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन कर भूमि की श्रेणी परिवर्तित कर पट्टे दिए गए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऐसे सभी अवैध पट्टों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाय।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

