स्थापना दिवस विशेष-संघर्षों से दो सांसदों के सफर से शुरू हुई भाजपा आज शिखर पर : कुंवर मानवेन्द्र सिंह
कहा - देश सहित विश्व में योगी नेतृत्व की सराहना, 2027 कोई बड़ी चुनौती नहीं
झांसी, 05 अप्रैल (हि.स.)। देश में दो सांसदों से राजनैतिक सफर शुरू करने वाली भारतीय जनता पार्टी आज देश में पिछले 15 वर्षों से लगातार जीत का परचम लहरा रही है। अपने स्थापना के समय 1980 से लेकर 46 सालों में भाजपा ने संघर्षों से अपने आप को शिखर तक पहुंचाया है।
भारतीय जनता पार्टी की यह संघर्षों से सफलता तक की यात्रा बताती है कि अगर सच्चे मन से राष्ट्र प्रेम को हृदय में रखकर सिद्धांतों से समझौता न करते हुए आगे बढ़ा जाए तो फिर जनता का आशीर्वाद अवश्य मिलता है। यह कहना है झांसी जिले के प्रथम भाजपा अध्यक्ष व वर्तमान में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह का। उन्होंने कहा कि आज देश ही नहीं विश्व में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को सराहा जा रहा है। ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव कोई बड़ी चुनौती नहीं है।
विधान परिषद सभापति ने कहा कि आज भाजपा का स्वर्णिम काल है। देश व प्रदेश का विकास जोरों पर है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के आने पर सरकार भी किसानों की पूरी तरह से भरपाई करने का प्रयास करती है। उन्होंने झांसी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज झांसी में सड़कों व फ्लाईओवर का जाल बिछा दिया गया है। कोई सोच भी नहीं सकता था जिस स्तर पर विकास हुआ है। यहां बीडा के बारे में कौन सोचता था। हर घर नल से जल योजना में आमजन को आ रही समस्याओं को लेकर उन्होंने कहा कि जो कमियां हैं उन्हें दूर होना चाहिए। तभी जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा
उन्होंने सन 1980 के दौर को याद करते हुए कहा कि वह समय था जब भाजपा में कार्यकर्ता ढूंढे नहीं मिलते थे। जिले की बैठक में भी दो-चार लोग ही आते थे। यह वही दौर था जब अटल जी से लेकर तमाम सैद्धांतिक नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। 1985 में लोकतंत्र सेनानी कुंवर मानवेंद्र सिंह बुंदेलखंड से एकमात्र विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि भाजपा की 40 वर्षों की यात्रा को जानना चाहिए। पार्टी के सिद्धांतों का अध्ययन कर उन्हें भाजपा के संघर्षों को जरूर समझना चाहिए। भाजपा हमेशा संघर्ष से सफलता की ओर बड़ी है। आज शून्य से शिखर पर पहुंचने का श्रेय भी इन्हीं संघर्षों को जाता है। इसके पीछे हमारे त्यागी, तपस्वी और बलदानी बुजुर्ग नेताओं का संघर्ष जुड़ा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विपक्षियों का तो काम ही है कि वह आरोप लगाए। आज विपक्ष कहीं नजर नहीं आता। उनके पास कोई भी वाजिब मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस पर सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि जो त्यागी, तपस्वी और बलिदानी लोग थे उनको याद करते हुए भविष्य में आगे बढ़ाना है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव कोई बड़ी चुनौती नहीं है। योगी आदित्यनाथ जैसे नेतृत्व को आज देश ही नहीं दुनिया भी चाहती है। देश के तमाम राज्यों में योगी आदित्यनाथ की मांग उठ रही है। उनके नेतृत्व और सुशासन की लोग तारीफ करते नहीं थकते।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

