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डीडीयू विश्वविद्यालय में मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, कुलपति ने अर्पित किया श्रद्धासुमन

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डीडीयू विश्वविद्यालय में मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, कुलपति ने अर्पित किया श्रद्धासुमन


डीडीयू विश्वविद्यालय में मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, कुलपति ने अर्पित किया श्रद्धासुमन


डीडीयू विश्वविद्यालय में मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, कुलपति ने अर्पित किया श्रद्धासुमन


डीडीयू विश्वविद्यालय में मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, कुलपति ने अर्पित किया श्रद्धासुमन


गोरखपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गाेरखपुर में शुक्रवार काे पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर उनके विचारों, दर्शन एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया गया। प्रशासनिक भवन परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल ने भी पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के सदस्य, शिक्षकगण एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रहित, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान तथा समरस समाज की स्थापना से जुड़े विचारों को स्मरण किया।

जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, चिंतन और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इसके साथ ही दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ में जयंती व्याख्यान एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका चिंतन भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और समाज के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित था। उनके द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद और अंत्योदय की अवधारणा आज भी सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास के संदर्भ में प्रासंगिक है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों ने राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, अंत्योदय और मानव कल्याण के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को नमन किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों एवं जीवन मूल्यों से परिचित कराने तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को स्मरण करने का संदेश दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय