भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा 21 सूत्रीय मांग पत्र, आशा-आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाने की मांग
महोबा, 18 जून (हि.स.)।यूपी के महोबा में राष्ट्रहित, उद्योगहित, मजदूर हित के नारे के साथ भारतीय मजदूर संघ ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में शासन-प्रशासन के सामने मजदूरों-कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। मजदूर संघ द्वारा आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग की गई है। संघ ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष कपिल कश्यप ने बताया कि मजदूरों के हित के लिए मजदूर संघ लगातार काम कर रहा है। कहा कि ज्ञापन के माध्यम से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को एक जनवरी से लागू कर न्यूनतम वेतनमान 72,000 रुपये करने साथ ही बीएसएनएल में 2017 से लंबित 7वें वेतनमान को भी शीघ्र लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 18 हजार रूपये और आशा संगिनी का 24,000 रूपये तय कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा दी जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों , सहायिकाओं को नियमित कर न्यूनतम 18 हजार रूपये मानदेय दिया जाए। ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक, धोबी, दर्जी, बढ़ई, लोहार, मोची, कुम्हार को मजदूर की श्रेणी देकर सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जाए। 108, 102 एंबुलेंस के बर्खास्त कर्मियों की बहाली और ड्राफ्ट-उगाही बंद करने की मांग की है। इसके साथ ही बैंकों में 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की जाए।पटरी , रेहड़ी दुकानदारों को उचित स्थान देकर उत्पीड़न बंद किया जाए। ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को स्टैंड दिया जाए और पुलिस उत्पीड़न रोका जाए। इसके साथ ही ज्ञापन के माध्यम से अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की गई है।इस दौरान संघ के जिला मंत्री आशीष सिंह समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी

