बीईओ सहसों ने दो विद्यालयों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
प्रयागराज, 24 जून (हि.स)। बगैर मान्यता के संचालित होने वाले विद्यालयों की तरफ जिलाधिकारी व शिक्षा विभाग की नजरें टेढ़ी हैं। इन स्कूल संचालकों व प्रधानाचार्य को कई बार नोटिस दिया गया फिर भी इनके संचालन में रोक नहीं लग रही है। वहीं एक मामला विकास खंड सहसों में देखने को मिला है। सहसों के एस.पी.एस.एन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय सहदेव प्रसाद स्मारक विद्या मंदिर को कई बार ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा नोटिस प्रदान की। पर वो न तो नोटिस का जवाब दिये न ही यू डायस प्रोगेशन, विद्यालय में स्टूडेंट्स डाटा आदि विभागीय कार्यों में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।
जिसके चलते बीईओ सहसों वरुण मिश्रा ने बुधवार को फिर से एक नोटिस जारी कर दोनों विद्यालय संचालकों-प्रधानाचार्य से 07 दिन के अंदर जवाब मांगा है। कहा है कि उपलब्ध कराए जाने वाली सूचना प्रतिवर्ष विद्यालय द्वारा यू डायस पर भरी जाने वाली सूचना तथा आरटीई पोर्टल पर दर्ज सूचना के अनुरूप होनी चाहिए। समय से सूचना प्राप्त न होने, असंतोष जनक प्राप्त होने अथवा न प्राप्त होने की दशा में यह मान लिया जाएगा कि आपके विद्यालय द्वारा विद्यालय संचालन में के सभी निर्धारित मानक पूरे नहीं किया जा रहे हैं। ऐसी दशा में आपके विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण तथा विद्यालय यू डायस कोड को बंद करने की अग्रिम प्रक्रिया प्रस्तावित कर उच्चाधिकारियों को सूचित कर दी जाएगी। उच्चाधिकारियों द्वारा यू डायस जैसा महत्वपूर्ण कार्य पूरा किये जाने हेतु दिए जाने वाले निर्देश का निरंतर अनुपालन न करने पर प्रथम दृष्ट्या दोषी है।
बीईओ वरुण मिश्रा ने कुल 23 बिंदुओं पर दोनों विद्यालय संचालकों-प्रधानाचार्य से जवाब मांगा है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कई बार आदेश जारी कर सभी विद्यालय संचालकों से कहा है कि वो अपनी मान्यता करा लें या फिर विद्यालय बंद कर दे, जिससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके। इसके बाद भी विद्यालय संचालक मनमर्जी पर उतारू है। हालात यह है कि अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जाती है। इससे बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। ब्लॉक में ऐसे कई विद्यालय है जो बगैर मान्यता या सम्बंधिकरण करके संचालित किए जा रहे है, जो कि किसी भी मानक को पूरा नहीं करते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी सहसों, प्रयागराज वरुण मिश्रा का कहना है कि जिलाधिकारी व विभागीय निर्देश पर बगैर मान्यता के संचालित विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विद्यालय के खिलाफ अग्रिम कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को सूचित कर कार्यवाही की जाएगी और बिना मान्यता के चल रहे फर्जी विद्यालयों को बंद कराया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

