बलिया में आरएसएस ने पथ संचलन कर राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश
बलिया, 22 अक्टूबर (हि.स.)। विजयादशमी के उपलक्ष्य में गुरूवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयं सेवकों ने बलिया नगर में विशाल पथ संचलन कर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया। पथ संचलन के दौरान स्वयं सेवकों पर नगर में जगह-जगह पर पुष्प वर्षा की गई।
आरएसएस के स्वयं सेवकों की चार अलग-अलग टोलियां नगर के विभिन्न स्थानों से निकल कर शहर के शहीद पार्क चौक में पहुंचीं। वहां से एक साथ पथ संचलन करते हुए विजय सिनेमा रोड, मलगोदाम रोड, रेलवे स्टेशन, चित्तू पांडेय चौराहा होते हुए वीर लोरिक स्टेडियम पहुंचीं। जहां बौद्धिक उद्बोधन से पहले मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार विभाग के अखिल भारतीय टोली के सदस्य मुकुल कानितकर ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि बांग्लादेश, नेपाल और फ्रांस आदि दर्जनों देशों की तरह आज भारत में भी उपद्रव का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए नई-नई डिजिटल तकनीकी का सहारा लिया जा रहा है। इनसे निपटने के लिए हर भारतीय को अपने मोबाइल को भी मां दुर्गा की शक्ति की तरह इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए हर राष्ट्र भक्त को सतर्क रहना होगा। हम सबको वही संदेश पढ़ना और देखना चाहिए जो देश के लिए हो। संघ यही कर रहा है। हमें वैचारिक साधना करनी होगी। हिंदुत्व और राष्ट्र एकता का संकल्प लेना होगा।
उन्होंने हिंदू युवतियों को दुर्गा रूपी बताते हुए संगठित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जंगलों से नक्सल खत्म हो गया पर शिक्षा संस्थानों में अर्बन नक्सल काम कर रहे हैं। इनसे युवा पीढ़ी को सचेत रहने की जरूरत है।श्री कानितकर ने हिंदू एकता पर बल देते हुए कहा कि आपसी भेदभाव मिटाने होंगे। इस अवसर पर आरएसएस के विभाग संघ चालक रामप्रताप जी डा. विनोद जी, विधायक केतकी सिंह आदि थीं। संचालन अरुण मणि व अध्यक्षता अनुज सरावगी ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी

