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नेपाल की आपदा में लापता हुआ था गोविंद, माता-पिता देंगे डीएनए सैंपल

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नेपाल की आपदा में लापता हुआ था गोविंद, माता-पिता देंगे डीएनए सैंपल


बलिया, 25 सितंबर (हि.स.)। बेटे की शादी को अभी कुछ ही महीने बीते थे। परिवार ने उसके बेहतर भविष्य के सपने संजोए थे, लेकिन नेपाल में आई आपदा ने सबकुछ बदल दिया। बलिया निवासी माता-पिता बेटे के शव के लिए अभी तक परेशान हैं। नेपाल के अधिकारियों ने डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट मांगी है।

बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र के बेऊर निवासी सुमेर राम का 28 वर्षीय पुत्र गोविंद भारती जून माह में रोजी-रोटी कमाने नेपाल के रसुआ स्थित पावर प्लांट में काम करने गया था। 26 अगस्त की सुबह पिता से हुई फोन पर आखिरी बातचीत के बाद उसका फोन हमेशा के लिए बंद हो गया।

सुमेर राम बताते हैं कि 26 अगस्त को सुबह करीब साढ़े आठ बजे बेटे गोविंद से बात हुई थी। बातचीत के करीब एक घंटे बाद नेपाल में आपदा आने की खबर मिली। इसके बाद गोविंद का फोन बंद हो गया। परिवार की चिंता बढ़ी तो परिजन नेपाल के रसुआ पहुंचे। वहां अधिकारियों ने शव की पहचान के लिए डीएनए जांच कराने की बात कही।

गोविंद की शादी इसी साल एक मई को हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद वह परिवार की जिम्मेदारियां पूरी करने और रोजी-रोटी कमाने नेपाल चला गया। अब उसके माता-पिता बेटे की एक झलक पाने के लिए बेचैन हैं। रसुआ से लौटने के बाद परिवार ने बलिया के जिलाधिकारी से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई। डीएम ने सीएमओ को डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए थे। सीएमओ ने पुलिस संरक्षण की मांग की थी। जिसके बाद शुक्रवार को एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल ने पुलिस संरक्षण में डीएनए जांच की प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए। अब जल्द ही गोविंद के माता-पिता का डीएनए सैंपल लिया जाएगा।

पिता की बस एक ही इच्छा है कि किसी तरह बेटे का शव मिल जाए। सुमेर राम की आंखों में बेटे को खोने का दर्द साफ झलकता है। वह कहते हैं, “हम चाहते हैं कि बस बेटे का शव मिल जाए। कम से कम उसका अंतिम संस्कार तो अपने हाथों से कर सकें।” बेटे की राह देखते माता-पिता को अब डीएनए जांच के जरिए उसकी पहचान होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी