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बागपत की मिट्टी से उपजे उत्पाद अब विदेशों तक होंगे निर्यात : जिलाधिकारी

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बागपत की मिट्टी से उपजे उत्पाद अब विदेशों तक होंगे निर्यात : जिलाधिकारी


बागपत, 02 मार्च (हि.स.)। जिलाधिकारी अस्मिता लाल सोमवार को कंडेरा गांव स्थित एम्ब्रोसिया नेचुरल प्रोडक्ट्स इंडिया लिमिटेड के “बागपत टू द वर्ल्ड: कनेक्टिंग इंडियन फॉर्म्स टू इंटरनेशनल मार्केट” कार्यक्रम में शामिल हुई। यहां जिलाधिकारी ने बागपत के कृषि उत्पादों की पहली निर्यात खेप को औपचारिक रूप से रवाना किया। बागपत के उत्पात अब विदेशों तक जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना यही हमारा प्रयास है।

बागपत की पहचान एक कृषि प्रधान जिले के रूप में रही है, लेकिन अब यहां के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं—जैसे कृषि अवसंरचना को मजबूत करने, कोल्ड चेन और प्रसंस्करण इकाइयों के विकास, तथा निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रमों का लाभ किसानों और उद्यमियों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं और कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इसी के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल और निर्यात उन्मुख कृषि नीति ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

कम्पनी प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि एम्ब्रोसिया नेचुरल प्रोडक्ट्स इंडिया लिमिटेड आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों का उपयोग करते हुए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन कर रही है। विशेष रूप से “आईक्यूएफ (इंडिविजुअल क्विक फ्रीजिंग)” तकनीक के माध्यम से फलों और सब्जियों को अत्यंत कम समय में फ्रीज किया जाता है। जिससे उसकी ताजगी, स्वाद, रंग और पोषण तत्व सुरक्षित रहते हैं। यह तकनीक वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल का कहना है कि निर्यात उन्मुख कृषि से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। पारम्परिक गन्ना और अनाज फसलों के साथ-साथ फल एवं सब्जी उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में स्थिरता आएगी। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की स्वीकार्यता और बढ़ेगी। कार्यक्रम के अंत में उन किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने उच्च गुणवत्ता की उपज उपलब्ध कराकर इस पहल में योगदान दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी