बजट के अभाव में नहीं हाे रहा बागपत के अलीपुर बांध की देखरेख, मानसून आने से लाेग सहमे
बागपत, 03 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का अलीपुर बांध देखरेख के अभाव में एक बार फिर सुर्खियों में है। बांध की ना तो मरम्मत की गई है और न ही साफ सफाई। ऐसे में लोगों को आशंका है कि सिंचाई विभाग की इस लापरवाही से एक बार फिर उनके गांव को बाढ़ का खतरा हो सकता है। बरसात आने वाली है और यमुना नदी में कभी भी पानी अधिक हाेने का अलर्ट हो सकता है। ऐसे में अगर वर्ष 2023 की तरह यमुना में पानी का जल स्तर बढ़ा तो दिल्ली एनसीआर के कई गांव अलीपुर बांध के कारण बाढ़ की चपेट में होंगे।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में जुलाई 2023 को यमुना नदी का पानी घुस गया, कारण था अल्लीपुर बांध का टूटना, हथनीकुंड बैराज से यमुना में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससें यमुना का जल स्तर बढ़ गया। बागपत प्रशासन ने अल्लीपुर बांध पर निगरानी के निर्देश दिए लेकिन सम्बंधित अधिकारी लापरवाह बने रहे । शासन से मामले पर फटकार लगी तो तत्कालीन डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बांध टूटने के लिए सिचाई विभाग को जिम्मेदकर ठहराते हुए इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। जिसके बाद तत्कालीन सिचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
हालांकि सिंचाई विभाग के एक्सईन रजनीश सिंह से बांध की सुरक्षा को लेकर बात की गई तो उनका कहना है कि बांध पर गश्त लगाकर उसकी निगरानी की जाएगी, जहां कहीं क्षतिग्रस्त होगा उसको ठीक कराया जाएगी। अभी विभाग के पास बजट नही है जैसे ही बजट आता है इसकी मरम्मत कराई जाएगी। बांध की निगरानी के लिए टीम बनाकर उसकी सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। अभी यमुना नदी में किसी भी खतरे का कोई मैसेज नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी

