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वैचारिक क्रांति एवं समरसता काे लेकर होगा अहिंसा सम्मेलन

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वैचारिक क्रांति एवं समरसता काे लेकर होगा अहिंसा सम्मेलन


अयोध्या, 03 अक्टूबर (हि.स.) । वैचारिक क्रांति एवं सामाजिक समरसता काे लेकर 04 अक्टूबर को भवदीय पब्लिक स्कूल महाेबरा बाईपास में अहिंसा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में विद्वतजनों के द्वारा अहिंसा, शाकाहार, नशा मुक्ति, स्वदेशी, गाै माता के संरक्षण-संवर्धन और जैविक खाद के माध्यम से कृषि हेतु कार्य किए जाने पर संबाेधन दिया जाएगा। शनिवार को उक्त आशय की जानकारी अखिल भारतीय शाकाहार परिषद के संयाेजक पवन जैन ने दी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मांसाहार एवं मादक पदार्थों की ओर युवा पीढ़ी का झुकान बहुत ही चिंताजनक है। इसके दुष्परिणाम काे देखते हुए आवश्यकता है कि हम सभी संकल्पित हाेकर इस बुराई काे सदैव के लिए त्याग करें। अहिंसा-शाकाहार सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रदेशों से वरिष्ठ समाजसेवी जन पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम के तारतम्य में देश के 21 ख्यातिलब्ध जनाें काे आचार्य विद्यासागर राष्ट्र गाैरव सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।

आचार्य विद्यासागर जी ने देश के विकास के लिए स्वदेशी व गाै माता के संरक्षण-संवर्धन पर विशेष जाेर दिया था। अहिंसा सम्मेलन से पहले उसी दिन सुबह अहिंसा यात्रा का भी आयोजन किया गया है। यह यात्रा चूड़ामणि चौराहा स्थित कबीर मठ के संस्थापक सदगुरु रामसूरत साहब की समाधि स्थल से निकलकर भवदीय पब्लिक स्कूल तक जायेगी। अहिंसा यात्रा के लिए इस स्थान का चयन इसलिए भी किया गया है। क्याेंकि सदगुरु कबीर साहेब शाकाहार के प्रवर्तक थे। चूड़ामणि चौराहा इसलिए भी उल्लेखनीय है कि माता सीता का चूड़ा इसी स्थान पर गिरा था। जाे अयोध्या चूड़ामणि चौराहे के नाम से प्रसिद्ध है। मातृशक्ति ही शक्ति का केंद्र हैं। इसलिए यह चूड़ामणि चौराहा स्वतंत्र शाकाहार उन्मूलन के लिए प्रेरणादायक है। अयोध्या में इसी चूड़ामणि चौराहे के इर्द-गिर्द मेरे द्वारा जमीन खरीदकर भव्य चूड़ामणि मंदिर का निर्माण करवाया जायेगा। जाे हमारा संकल्प है। यह चूड़ामणि मंदिर पूरी दुनिया के लिए नशा उन्मूलन और शाकाहार का प्रेरणास्थल हाेगा। कार्यक्रम के पश्चात अखिल भारतीय शाकाहार परिषद द्वारा रात्रि कालीन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया है।

जैन ने बताया कि सम्मेलन काे सफल बनाने हेतु कार्यक्रम संयाेजक श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत आचार्य उमाशंकर दास, विवेकानंद वर्मा, प्रधानाचार्य निर्मल वर्मा, मुलायम यादव के साथ जन संपर्क भी किया गया। जिसमें कई संत-महंताें, विशिष्टजनाें से भेंट-मुलाकात हुई। उनसे कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आग्रह किया गया। साथ ही साथ लाेगाें से अपील भी गई कि ज्यादा से ज्यादा लाेग अहिंसा सम्मेलन में शामिल हाें।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय