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अयोध्या : सुरवारी झील से सोहावल को मिलेगी नई पहचान

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अयोध्या : सुरवारी झील से सोहावल को मिलेगी नई पहचान


-विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं, 4.80 करोड़ की लागत से संवरेगी सुरवारी झील

-फुटपाथ, लाइटिंग और पौधरोपण से बदलेगी सुरवारी झील की तस्वीर

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकास सोच को नई उड़ान, सुरवारी झील का होगा आधुनिक कायाकल्प

अयोध्या, 01 जुलाई (हि.स.)। अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सोहावल तहसील क्षेत्र में स्थित सुरवारी झील के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से चल रहा है। 4.80 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस विकास कार्य से झील न केवल संरक्षित होगी बल्कि आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होकर सोहावल की नई पहचान बनेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप अयोध्या विकास प्राधिकरण ने सुरवारी झील को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य फरवरी 2025 में शुरू किया था।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बुधवार काे बताया कि वर्तमान में परियोजना का 82 प्रतिशत कार्य हो चुका है। परियोजना के अंतर्गत फुटपाथ का निर्माण, पौधरोपण, आकर्षक आर्मेन्टल लाइटिंग और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। झील क्षेत्र में करीब 2000 वर्ग मीटर में सफाई, मिट्टी भराव, पाथवे निर्माण और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं का कार्य चल रहा है। इस विकास से स्थानीय पर्यटकों के साथ-साथ रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र तैयार होगा।

शाम के समय पर्यटक ले सकेंगे प्राकृतिक वातावरण का आनंद

अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार सुरवारी झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए पैदल पथ, हरे-भरे वृक्ष, आधुनिक रोशनी व्यवस्था और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। झील के चारों ओर सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा होने के बाद यहां शाम के समय पर्यटक घूमने आएंगे और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेंगे। अयोध्या में राम मंदिर, सरयू नदी और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के साथ अब सुरवारी झील भी पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बनाएगी। स्थानीय लोगों में इस विकास कार्य को लेकर काफी उत्साह है। उन्होंने इसे क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया हैं। इस कायाकल्प से न केवल झील का जल संरक्षण होगा बल्कि आसपास का पर्यावरण भी स्वच्छ एवं सुंदर बनेगा। पौधरोपण से जैव विविधता बढ़ेगी और झील पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय