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सरयू के बढ़ते जलस्तर के बीच अयोध्या में बाढ़ नियंत्रण में, योगी सरकार की तैयारी आई काम

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-2370 राहत किट संग 1450 लंच पैकेट बांटे, प्रभावित परिवारों तक पहुंची मदद

-14 शरणालय और 10 बाढ़ चौकियां तैयार, 18 नावों से जारी निगरानी व आवागमन

अयोध्या, 21 अगस्त (हि.स.)। सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर में वृद्धि के बावजूद प्रशासन की पूर्व तैयारी और सतर्क प्रशासन के कारण जिले में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण बना हुआ है।

जनपद में घाघरा नदी पर दो प्रमुख तटबंध सुरक्षित हैं। रौनाही तटबंध दायें तट पर 14.550 किलोमीटर लंबा है तथा अयोध्या-बिल्वहरिघाट तटबंध 13.140 किलोमीटर का है। इसके अतिरिक्त तमसा नदी (मडहा) पर गोशाईगंज शहर की सुरक्षा के लिए 5.340 किलोमीटर लंबा तटबंध भी सुरक्षित है।

योगी सरकार के नेतृत्व में इन तटबंधों की नियमित मरम्मत और मजबूती के कारण बाढ़ का पानी नियंत्रित रहा और बड़े पैमाने पर नुकसान से बचा जा सका। वर्तमान में जनपद के कुल 11 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें तहसील सदर के चार ग्राम मांझा मूडाडीहा अयोध्या, मांझा मड़ना, मांझा रामपुरपुवारी और मांझा काजीपुर, तहसील सोहावल का एक ग्राम मांझा कला; तथा तहसील रुदौली के छह ग्राम मुजेहना मजरे सरायनासिर, पूरे महंगू मजरे पसौवा, पूरे महंगू मजरे सण्डरी, अब्बूपुर मजरे बरई, कैथी मांझा मजरे कैथी और सुलेमपुर मजरे उधरीरा शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में जलभराव की कोई स्थिति नहीं है तथा कृषि क्षति की कोई सूचना भी नहीं मिली है।

अब तक 2370 बाढ़ राहत किट वितरित

बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने अब तक कुल 2370 बाढ़ राहत किट वितरित किए हैं। इनमें तहसील सदर में 1500, रूदौली में 645 और सोहावल में 225 किट शामिल हैं। साथ ही 1450 लंच पैकेट तथा प्रभावित पशुओं के चारे के लिए 350 कुंतल भूसा भी वितरित किया गया है। योगी सरकार की आपदा प्रबंधन नीति के तहत राहत सामग्री का वितरण पारदर्शी और त्वरित तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है।

कुल 14 बाढ़ शरणालय चिन्हित , 18 नाव संचालित

जनपद में कुल 14 बाढ़ शरणालय चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार क्रियाशील किया जाता है। वर्तमान में सोहावल तहसील स्थित सहारा बाग में बाढ़ शरणालय/शेल्टरहोम क्रियाशील है, जहां 100 बाढ़ प्रभावित व्यक्ति रह रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तहसील सदर में 6, रूदौली में 3 तथा सोहावल में 1 कुल 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर राजस्व, स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। आवागमन के लिए 18 नावें भी संचालित की जा रही हैं।

1224 ओआरएस पैकेट व 2912 क्लोरीन टैबलेट वितरित

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बचाव और राहत हेतु 37 टीमें गठित की गई हैं, जिन्होंने भ्रमणशील रहकर अब तक 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन की टैबलेट का वितरण किया है। पशु चिकित्सा विभाग की 21 टीमें प्रभावित ग्रामों में पशु टीकाकरण, शिविर लगाकर उपचार और जांच का कार्य कर रही हैं।

वर्ष 2009 में अधिकतम स्तर पर पहुंच गया था जलस्तर

जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार नदी का खतरे का जलस्तर 92.730 मीटर है, जबकि 20 अगस्त को रात्रि 8 बजे जलस्तर 93.040 मीटर दर्ज किया गया। वर्ष 2026 में अधिकतम जलस्तर 93.100 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से मात्र 0.370 मीटर ऊपर था। वर्तमान में यह स्तर खतरे के निशान से 0.310 मीटर ऊपर स्थिर है। वर्ष 2009 में दर्ज अधिकतम जलस्तर 94.010 मीटर की तुलना में स्थिति काफी नियंत्रित है।

स्थिति नियंत्रण में, राहत पहुंचाने का कार्य जारी : डीएम

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सभी संबंधित विभागों को बाढ़ राहत कार्यों के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। तहसील सदर, सोहावल और रूदौली के उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा खाद्यान्न व भूसे का वितरण आवश्यकतानुसार कराया जा रहा है। सरकार ने प्रदेश में आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को सुचारु बनाने के लिए समयबद्ध निर्देश दिए हैं। तटबंधों की सुरक्षा, राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण, स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा टीमें तथा निरंतर निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और प्रशासनिक सतर्कता का परिणाम हैं। जनपद प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का कार्य निर्बाध रूप से जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय