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अयोध्या मंडल के 3,386 श्रमिक परिवारों को मिला कन्या विवाह अनुदान

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अयोध्या मंडल के 3,386 श्रमिक परिवारों को मिला कन्या विवाह अनुदान


-श्रम विभाग ने हजारों श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में बढ़ाया आर्थिक सहयोग-अयोध्या में सर्वाधिक 1,574 श्रमिक परिवारों को मिला कन्या विवाह अनुदान का लाभ-सीधे बैंक खातों में पहुंची विवाह सहायता, श्रमिक परिवारों को मिली बड़ी राहत

अयोध्या, 25 जुलाई (हि.स.)। श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली कन्या विवाह अनुदान योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में अयोध्या मंडल के जिलों में प्रभावी ढंग से लागू हुई है। श्रम विभाग के माध्यम से एसएनए के जरिए इस योजना पर हुए व्यय की समीक्षा से स्पष्ट होता है कि मंडल के पांच जिलों-अयोध्या,बाराबंकी,अम्बेडकरनगर, सुल्तानपुर और अमेठी में कुल 3,386 पात्र श्रमिक परिवारों की बेटियों को विवाह सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस मद में कुल 18 करोड़ 53 लाख 1 हजार रुपये की धनराशि वितरित की गई है।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार अयोध्या में सर्वाधिक 1,574 परिवारों को 8 करोड़ 67 लाख 86 हजार रुपये,सुल्तानपुर में 595 परिवारों को 3 करोड़ 27 लाख 35 हजार रुपये,बाराबंकी में 491 परिवारों को 2 करोड़ 70 लाख 5 हजार रुपये, अमेठी में 358 परिवारों को 1 करोड़ 96 लाख 90 हजार रुपये तथा अम्बेडकरनगर में 368 परिवारों को 1 करोड़ 90 लाख 85 हजार रुपये की सहायता दी गई।

अयोध्या श्रम विभाग के उप आयुक्त अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का यह आंकड़ा योजना की सफलता को रेखांकित करता है और भविष्य में और अधिक परिवारों को लाभान्वित करने का संकेत देता है। कहा कि प्रदेश सरकार की कन्या विवाह अनुदान योजना श्रमिक परिवारों के लिए बड़ी वरदान साबित हो रही है। पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि पारदर्शी तरीके से सीधे भेजी जा रही है। उन्होंने पंजीकृत श्रमिकों से समय पर आवेदन कर विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

जानिए, क्या है पात्रता के नियम

यह योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित है।पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पंजीकरण के बाद कम से कम 365 दिन बोर्ड की सदस्यता पूरी कर ली हो, अपनी पुत्री अथवा पंजीकृत महिला श्रमिक स्वयं के विवाह के लिए इस सहायता का लाभ ले सकते हैं। कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। सामान्य विवाह पर 65 हजार रुपये, अंतर्जातीय विवाह पर 75 हजार रुपये तथा सामूहिक विवाह (न्यूनतम 11 जोड़ों) की स्थिति में 85 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। लाभ दो संतानों की सीमा तक सीमित है और आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है। आवेदन विवाह के एक वर्ष के भीतर किया जा सकता है।

लाभार्थियों तक सीधे पहुंचाई जा रही राशि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह योजना श्रमिक परिवारों के आर्थिक बोझ को कम करने और बेटी के विवाह को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अयोध्या मंडल में हजारों परिवारों तक यह सरकारी सहायता पहुंचने से घर-घर में खुशियों का माहौल बना है। श्रम विभाग की सक्रियता से पात्र लाभार्थियों तक राशि सीधे पहुंचाई जा रही है, जिससे योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय