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पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या एवं सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा

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पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या एवं सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा


अयोध्या, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा, बृजेश कुमार, एस.पी. सिंह एवं डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया सहित जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी कृष्णा कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अरविन्द कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, प्रशासक जिला पंचायत तथा जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ब्लॉक प्रमुख, मसौधा एवं तारुन तथा ग्राम पंचायतों के प्रशासक उपस्थित रहे।

बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों को आयोग के गठन के उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद में अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या एवं सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की गई। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनपद की कुल जनसंख्या ’’19,37,638’’ है, जिसमें पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या ’’9,83,386’’, अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या ’’680’’, अनुसूचित जाति की जनसंख्या ’’4,74,966’’ तथा सामान्य वर्ग की जनसंख्या ’’4,78,906’’ है। जनपद में पिछड़ा वर्ग की आबादी कुल जनसंख्या का लगभग ’’50.75 प्रतिशत’’ है।

बैठक के दौरान आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों से अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति एवं स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जनप्रतिनिधियों ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के संबंध में अपने सुझाव भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए। आयोग ने प्राप्त तथयों एवं सुझावों के आधार पर निष्पक्ष एवं अनुभवजन्य अध्ययन सुनिश्चित करते हुए अपनी संस्तुतियां शासन को उपलब्ध कराने की बात कही।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय