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विश्व विरासत शहर की सूची में शामिल हो अयोध्या : आलोक

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विश्व विरासत शहर की सूची में शामिल हो अयोध्या : आलोक


-पुनर्जागरण संस्थान ने सौंपा मंडलायुक्त को ज्ञापन

अयोध्या, 06 मई (हि.स.)। अयोध्या को भारत की धार्मिक राजधानी एवं विश्व विरासत शहर की सूची में शामिल करने की मांग आलोक सिंह राना ने उठाई है। इस संबंध आलोक सिंह राना ने मंडलायुक्त राजेश कुमार से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा।

पुर्नजागरण संस्थान के अध्यक्ष एवं राम का घर के प्रबंधक आलोक सिंह राना ने बुधवार को मंडलायुक्त को ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अयोध्या जिस तीव्र गति से विकसित हो रही है, उसे और आगे बढ़ाकर एक सुनियोजित दृष्टिकोण के साथ पूर्ण रूप से स्थापित किया जाना आवश्यक है। राना ने कहा कि अयोध्या की पहचान पहले से ही एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में है और वर्तमान में हो रहे विकास कार्य राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ, श्रीराम जन्मभूमि पथ, आस्था पथ एवं भारत पथ—इस दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन सभी विकसित हो रहे कॉरिडोरों को केवल अवसंरचना के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक अनुभव के रूप में आगे बढ़ाकर एकीकृत रूप से विकसित किया जाय, जिससे सम्पूर्ण अयोध्या “लिविंग रामायण एक्सपीरियंस सिटी” के रूप में उभरे।

उन्होंने सुझाव दिया है कि घाटों का पुनरोद्धार, आधुनिक अवसंरचना, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं नगर विस्तार जैसे कार्यों को एक समन्वित विरासत मॉडल से जोड़ा जाए, *ताकि विकास और परंपरा का संतुलन बना रहे।

आलोक ने कहा कि नए विकसित पथ के एकरूप फसाड विकास को स्थायी नीति के रूप में लागू किया जाए। सभी नए निर्माण में आधुनिकता के साथ विरासत का संरक्षण हो । शहर की लाइटिंग, साइनज, मूर्तिकला एवं सार्वजनिक स्थलों को रामायण थीम से जहां जुड़ रह हैं साथ ही प्राचीन धरोहरों को भी सम्मिलित किया जाए।

अयोध्या को एक खुला जीवंत सांस्कृतिक संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाए

उन्होंने यह भी प्रस्तावित किया कि अयोध्या को यूनेस्को की “विश्व विरासत नगर” की सूची में सम्मिलित कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, जिससे इस विकसित होती नगरी को अंतरराष्ट्रीय संरक्षण एवं पहचान प्राप्त हो सके।

आलोक ने प्रशासन से अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए संबंधित विभागों एवं के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की जाए जिसमें नए निर्माण एवं प्राचीनता का संतुलन बना कर हैरिटेज सिटी के सभी मानकों को पूरा किया जा सके और शुरआत में टेंटिटिव लिस्ट में अयोध्या का नाम जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय