राम मंदिर में सीईओ नहीं, धर्माचार्य की हो नियुक्ति : अजय राय
अयोध्या, 12 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को गोसाईगंज के हैदरगंज में आयोजित कांग्रेस की जनसभा को संबोधित करने से पहले उन्होंने राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए। कहा कि राम मंदिर में सीईओ नहीं, बल्कि धर्माचार्य की नियुक्ति होनी चाहिए।
अजय राय ने भाजपा और आरएसएस पर राम मंदिर को कमाई का जरिया बनाने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार राम मंदिर को कमाई का माध्यम न बनाए। मंदिर में आने वाले चढ़ावे की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले में कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अजय राय ने कहा कि गिनने वाले जेल गए तो गिनवाने वाले क्यों नहीं गए? उन्होंने नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देवगिरी और गोपाल राव के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि राम मंदिर का सारा पैसा आरएसएस के खाते में गया है।
2027 में प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा चढ़ावा प्रकरण
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी का मामला प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा। इसके साथ ही छात्रों पर लाठीचार्ज, उनके भविष्य से खिलवाड़ और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को भी कांग्रेस चुनावी मुद्दा बनाएगी।
जीरो टॉलरेंस पर सरकार को घेरा
योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे पर भी अजय राय ने सवाल उठाए। उन्होंने गोरखपुर में हुई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से पूछा कि आखिर जीरो टॉलरेंस कहां है। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। अजय राय के अयोध्या दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हैदरगंज की जनसभा में उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

