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देवा मेले में लोकगीतों और जादू से दिया जनजागरूकता का संदेश

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देवा मेले में लोकगीतों और जादू से दिया जनजागरूकता का संदेश


बाराबंकी, 01 नवंबर (हि.स.)। ऐतिहासिक देवा मेला एवं प्रदर्शनी में रविवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगीतों, बिरहा और जादू की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया। कलाकारों ने गीत-संगीत और जादुई करतबों के माध्यम से प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ लोक गायक मुन्ना अलबेला एंड पार्टी की प्रस्तुतियों से हुआ। कलाकारों ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत किए। सुमंगला योजना पर आधारित गीत 'आइल सुमंगला योजनवा नैनवा का खोला ए भाई' और सामूहिक विवाह योजना पर 'योजनवा भावे सबके मनवा' ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

इसके बाद बिरहा गायक राजेश कुमार ने स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर आधारित गीतों से लोगों को प्रेरित किया। वहीं जितेंद्र कुमार सांस्कृतिक दल ने 'यूपी के चमके चमनवा हो, आई सुंदर योजनवा हो' गीत के जरिए सरकारी योजनाओं का संदेश दिया। विजय सिंह एंड पार्टी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान पर आधारित गीत 'बेटी बाग की चिरैया भैया, बेटी बचइया नाय' की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर बेटियों के संरक्षण, सम्मान और शिक्षा का संदेश दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण जादूगर हृदेश तिवारी की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपने हैरतअंगेज जादुई करतबों के जरिए शिक्षा, मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के प्रति लोगों को जागरूक किया। मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने की उनकी अनूठी शैली को दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में लोकगीतों, बिरहा और जादू के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी