आशा कार्यकत्रियों ने मांगों को लेकर निकाला पैदल मार्च
फर्रुखाबाद,24 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले मंगलवार को आशा कार्यकत्रियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकत्रियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को उपमुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्रित हुईं और वहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचीं। यहां उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। अपने
ज्ञापन में कार्यकत्रियों ने बताया कि 6 फरवरी को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ हुई वार्ता के बाद 55 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। उस समय एक मांग के आंशिक हिस्से को छोड़कर अन्य मांगों पर सहमति बन गई थी, लेकिन अब तक तीसरे चरण की वार्ता नहीं हो सकी है।
आशा कार्यकत्रियों ने कहा कि वर्ष 2019 से 2023-24 तक की प्रोत्साहन राशि का भुगतान अब तक लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकत्रियों की प्रमुख मांगों में तीसरे चरण की वार्ता जल्द बुलाकर मांग पत्र पर अंतिम निर्णय लेना, बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराना और प्रदेशभर में भुगतान के नाम पर की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाना शामिल हैं।
इस मार्च में मंजू देवी, श्रीदेवी, रेशमा, सरोजिनी, ममता, चंद्रकाली, सरस्वती, राजकुमारी, उषा देवी, उर्मिला देवी, अंजनी कुमारी, ज्योति, निर्मला, राखी, पिंकी देवी, नन्ही देवी, दीप्ति, तारा देवी, लक्ष्मी देवी, ज्ञान देवी, अनीता, शकुंतला, विनीता, नंदिनी देवी, कुसुम, नाजिया, अनीशा, नगीना, सोनी देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar

