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आर्य समाज मंदिर में 114वां महोत्सव संपन्न, सत्य के प्रचार और कुरीतियों के विरोध पर जोर

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आर्य समाज मंदिर में 114वां महोत्सव संपन्न, सत्य के प्रचार और कुरीतियों के विरोध पर जोर


औरैया, 29 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर रोड शहर में स्थित आर्य समाज मंदिर में रविवार को 114वां महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम सत्य सनातन वैदिक धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा, जिसमें हितोपदेश, हवन-यज्ञ और प्रवचनों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया।

महोत्सव के दौरान हरियाणा के पानीपत से आए मुख्य वक्ता आचार्य ओम प्रकाश ने समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करने और सत्य को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी और अनादि है, उसकी कोई प्रतिमा नहीं होती। बिना सत्य को समझे मानव का कल्याण संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से उपासना की सही विधि अपनाने और सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

औरैया-इटावा संघ के प्रधान डॉ. सर्वेश ने प्रेसवार्ता कर बताया कि समाज को ढोंग और पाखंड से दूर रहना चाहिए तथा वैदिक परंपराओं को अपनाना चाहिए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े भ्रमों को समाप्त करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि महापुरुषों के सम्मान की रक्षा करना समाज का दायित्व है। सत्य को समझकर ही उसे समाज तक पहुंचाया जा सकता है।

कार्यक्रम में महर्षि दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों को भी विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना 10 अप्रैल 1875 को समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और सत्य के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से की गई थी। आज भी उनके विचार प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा देने में सहायक हैं।

इस अवसर पर भजन, उपदेश और वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मोहित शास्त्री, सावित्री देवी, अंजना गुप्ता, देवेश कुमार, कृष्ण कुमार दुबे, हरिशंकर शर्मा, कुक्कू ठाकुर, राजेंद्र आर्य सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार