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तीन-तीन अदालतों से जीत के बाद भी जमीन पर कब्जे का आरोप

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तीन-तीन अदालतों से जीत के बाद भी जमीन पर कब्जे का आरोप


गोरखपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में हुमायूपुर उत्तरी निवासी अरुण कुमार गुप्ता ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि दीवानी न्यायालय, जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय तीनों स्तर से मुकदमा उनके पक्ष में तय होने के बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।

अरुण कुमार गुप्ता के अनुसार, उन्होंने 25 नवंबर 1999 को मौजा बसारतपुर, भेड़ियागढ़ स्थित विष्णुपुरम (दिवाकर गली) में आराजी नंबर-5 की 2408 वर्ग फीट जमीन विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी। इस जमीन का ताजा राजस्व रिकॉर्ड (इंतखाब) दिनांक 3 जुलाई 2026 भी उनके नाम दर्ज है।

इस भूमि को लेकर ‘रामसुचित बनाम अरुण कुमार गुप्ता’ वाद दीवानी न्यायालय में विचाराधीन था, जिसमें अदालत द्वारा अमीन की पैमाइश कराई गई। अमीन की रिपोर्ट के आधार पर 29 अप्रैल 2006 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने फैसला अरुण कुमार गुप्ता के पक्ष में दिया। इसके बाद जिला जज न्यायालय में दायर पुनरीक्षण याचिका 15 जुलाई 2006 को खारिज हो गई और फैसला बरकरार रहा। वहीं, 30 जुलाई 2006 को उच्च न्यायालय ने भी निचली अदालत के निर्णय पर मुहर लगा दी।

प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतों से हारने के बाद विपक्षी पक्ष ने अन्य तरीकों से जमीन हड़पने का प्रयास शुरू किया। वर्ष 2023 में ओम प्रकाश शर्मा द्वारा विवादित भूमि को दीपेंद्र प्रताप सिंह को कथित रूप से अवैध तरीके से बेच दिया गया, जबकि उनकी 1999 की रजिस्ट्री कानूनी रूप से प्रथम और वैध है।

अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि 2 जुलाई 2026 को दीपेंद्र प्रताप सिंह और उनकी पत्नी रजनी सिंह, जो पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद पर तैनात हैं, के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जमीन पर जबरन निर्माण और कब्जे का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और पुलिस में प्रभाव होने की बात कही गई।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मी के प्रभाव के कारण स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि न्यायालय के आदेशों और स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा उनकी जमीन से अवैध कब्जा हटवाया जाए।

अरुण कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री एवं शासन-प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दीपेंद्र प्रताप सिंह, रजनी सिंह एवं ओम प्रकाश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय