home page

कला के जरिए तनावमुक्त जीवन की ओर बढ़ने का अवसर: डॉ. मिठाई लाल

 | 
कला के जरिए तनावमुक्त जीवन की ओर बढ़ने का अवसर: डॉ. मिठाई लाल


कानपुर, 28 जून (हि.स.)। कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी साधन है। इसी उद्देश्य से सीएसजेएम विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में मूर्तिकला एवं पॉटरी-टेराकोटा सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। जिसमें प्रतिभागियों को आर्ट थेरेपी के माध्यम से तनावमुक्त जीवन की दिशा में भी प्रेरित किया जाएगा। यह बातें रविवार को संस्थान के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने कही।

उन्होंने बताया कि मिट्टी के साथ सृजनात्मक कार्य करने से कल्पनाशक्ति, एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन का विकास होता है। आज विश्व भर में आर्ट थेरेपी को मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। मिट्टी को आकार देने की प्रक्रिया व्यक्ति को अपनी भावनाओं को सहज रूप से व्यक्त करने का अवसर देती है, जिससे तनाव कम होता है और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

कोर्स समन्वयक एवं सहायक आचार्य जीऊत बली यादव ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पॉटरी, टेराकोटा, सिरेमिक कला, मिट्टी से मूर्ति निर्माण, पोर्ट्रेट मॉडलिंग और विभिन्न प्रकार के क्राफ्ट का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही कला समीक्षा, कलात्मक लेखन और मूर्तिकला के सैद्धांतिक पहलुओं से भी परिचित कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए आयु की कोई सीमा नहीं रखी गई है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। विश्वविख्यात साहित्यकार रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भी लगभग 65 वर्ष की आयु में चित्रकला सीखना शुरू किया और अपनी अलग पहचान बनाई।

विश्वविद्यालय का हरित एवं शांत वातावरण, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और कला विद्यार्थियों के बीच सीखने का अवसर इस कोर्स को विशेष बनाता है। यह प्रशिक्षण कलाकार बनने के इच्छुक विद्यार्थियों के साथ-साथ गृहिणियों, नौकरीपेशा, वरिष्ठ नागरिकों और कला में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए उपयोगी है।

कोर्स में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल (10वीं) उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। कोर्स शुल्क 17,200 रुपये रखा गया है। इच्छुक अभ्यर्थी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में सम्पर्क कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप