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मुरादाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि विकास व भवन निर्माण हेतु एमडीए से स्वीकृति जरूरी

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मुरादाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि विकास व भवन निर्माण हेतु एमडीए से स्वीकृति जरूरी


- मुरादाबाद महायोजना/गजरौला महायोजना-2031 के अंतर्गत भूखंडों-भवन क्रय किये जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश

मुरादाबाद, 27 सितम्बर (हि.स.)। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज वर्मा ने रविवार को बताया कि उप्र नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के अंतर्गत मुरादाबाद विकास क्षेत्र का गठन किया गया है। मुरादाबाद विकास क्षेत्र के अन्तर्गत मुरादाबाद नगर निगम का क्षेत्र नगर पंचायत पाकबाड़ा, नगर पंचायत मुगलपुर उर्फ अगवानपुर मुस्तहकम (जिला मुरादाबाद), नगर पंचायत ढकिया (जिला अमरोहा) के अतिरिक्त जिला मुरादाबाद के तहसील सदर, तहसील बिलारी, तहसील काँठ, जिला अमरोहा के तहसील अमरोहा तथा जिला सम्भल के तहसील सम्भल के 219 राजस्व ग्राम सम्मिलित हैं। विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भूमि विकास (तलपट मानचित्र) तथा भवन निर्माण हेतु मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से स्वीकृति विधिक रूप से आवश्यक है।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव के अनुसार प्रायः प्राधिकरण के संज्ञान में आ रहा है कि मुरादाबाद नगर / गजरौला नगर पालिका के सीमान्तर्गत एवं आस-पास के नगरीकृत हो रहे क्षेत्रों में कतिपय व्यक्तियों द्वारा भूमि का अवैध उपविभाजन/प्लॉटिंग करते हुए बिना प्राधिकरण से किसी भी प्रकार का तलपट मानचित्र स्वीकृति हुए भूमि को विक्रय किया जा रहा है, जो पूर्ण से अवैध प्लॉटिंग की श्रेणी के अन्तर्गत आता है । उक्त के अतिरिक्त कई क्षेत्रों में भूखण्डों पर प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अवैध फ्लैट का निर्माण कर बिल्डर द्वारा विक्रय कर दिया जाता है, जिसपे प्राधिकरण द्वारा सील/ध्वस्तीकरण आदेश किये जाने की दशा में क्रेता को भविष्य में विधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

एमडीए सचिव ने बताया कि उक्त स्थिति से बचने हेतु मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में किसी प्रकार के आवासीय/अनावासीय भूखण्ड, व्यवसायिक भवन / आवासीय भवन / आवासीय फ्लैट इत्यादि को क्रय किये जाने से पूर्व जनसामान्य से यह अपेक्षा की जाती है कि उक्त भूखण्ड के तलपट मानचित्र / भवन मानचित्र की प्राधिकरण से स्वीकृति सम्बन्धी अभिलेख क्रेता से अवश्य प्राप्त कर उसका सत्यापन प्राधिकरण से करा लें।

उन्होंने कहा कि जन-सामान्य किसी भी भूखण्ड / भवन को क्रय किये जाने से पूर्व परियोजना का रेरा पंजीकरण संख्या अवश्य विकासकर्ता / विक्रेता से माँग लें तथा उक्त पंजीकरण संख्या से उप्र रियल स्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (उप्र रेरा) की वेबसाइट (www.up-rera.in) पर परियोजना के स्वीकृत भवन मानचित्र / तलपट मानचित्र तथा अन्य अभिलेखों का सत्यापन स्वयं कर लें। जन - सामान्य से यह अपेक्षा है कि स्वयं के भूखण्ड पर भवन निर्माण से पूर्व प्राधिकरण के ऑनलाईन फास्टपास पोर्टल (www.map.up.gov.in) पर भू-स्वामित्व के अतिरिक्त अन्य अभिलेखों के साथ आवेदन करने पर प्राधिकरण द्वारा समयान्तर्गत मानचित्र स्वीकृत करा कर ही निर्माण करें, जिससे भविष्य में प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित किसी भी विधिक कार्यवाही से सुरक्षित रहें।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल