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सामाजिक सौहार्द, भूमि विवाद और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर कौटिल्य परिषद मुखर

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सामाजिक सौहार्द, भूमि विवाद और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर कौटिल्य परिषद मुखर


सामाजिक सौहार्द, भूमि विवाद और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर कौटिल्य परिषद मुखर


गोरखपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। सामाजिक समरसता, कानून-व्यवस्था, भूमि विवाद और जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर कौटिल्य परिषद, रायगंज गोरखपुर ने मंडलायुक्त गोरखपुर को पत्रांक के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिषद ने कहा कि कौटिल्य परिषद समाज में भाईचारा, सामाजिक समरसता और शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, लेकिन कुछ लोग सामाजिक वैमनस्य फैलाने, आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और जनहित से जुड़े विषयों की अनदेखी करने में लगे हैं। ऐसे मामलों पर प्रशासन की त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख रूप से कथित विवादित फिल्म “पीड़िताइन की लव स्टोरी” का मुद्दा उठाया गया। परिषद ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के नाम और विषयवस्तु के माध्यम से समाज के सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचाने, जातिगत भावनाओं को भड़काने और आपसी सौहार्द को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। परिषद ने मांग की कि फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा फिल्म को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए, ताकि समाज में किसी प्रकार की कटुता, भ्रम या अशांति की स्थिति उत्पन्न न हो।

परिषद ने ज्ञापन में दूसरा गंभीर मामला ग्राम महराजगंज, बालापार-चिलुआ मार्ग, तहसील सदर, गोरखपुर से संबंधित उठाया। ज्ञापन के अनुसार, सूर्यभान त्रिपाठी की जमीन/खेत पर कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है। परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि चलती हुई सड़क को नियम विरुद्ध तोड़कर नेस्तनाबूद करने जैसी घटना सामने आई है, जो न केवल विधि व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि ग्रामीणों की आवाजाही और आम नागरिकों के अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर प्रश्न है। परिषद ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।

तीसरे बिंदु में कौटिल्य परिषद ने गोरखपुर मंडल में पेट्रोल, डीजल और विद्यार्थियों को छोटे सिलेंडरों की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की। परिषद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसी आवश्यक वस्तुओं और छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता आमजन, विद्यार्थियों, छोटे परिवारों और जरूरतमंद लोगों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ी हुई है। आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था जनसामान्य के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती है। इसलिए सक्षम अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश देकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु कराया जाए।

ज्ञापन पर बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर परिषद की मांगों का समर्थन किया। हस्ताक्षर कर्ताओं में पूर्व चेयरमैन बार काउंसिल उत्तर प्रदेश मधुसूदन त्रिपाठी,शिवाजी शुक्ला, राणा प्रताप पाठक, संजय कुमार पांडेय एडवोकेट, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, परमात्मा धर दूबे, शांतनु पाण्डेय, मदन मोहन तिवारी, विवेक शुक्ला एडवोकेट, रत्नेश पाठक, संदीप पाठक, उदय भान पाण्डेय,रंग बिहारी पाण्डेय, हिमांशु धर दूबे, सोनू तिवारी, रणविजय मिश्रा,दिनेश दुबे, जगन्नाथ मिश्र, कौशल त्रिपाठी, अश्वनी दुबे,प्रमोद कुमार दुबे, सूर्य भान तिवारी, संतोष मिश्रा, पिंटू शुक्ला, संजय शुक्ला, दिनेश त्रिपाठी, प्रभात धर दूबे, धर्मेन्द्र दूबे,राज त्रिवेदी और संतोषमणि त्रिपाठी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

कौटिल्य परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया कि ज्ञापन में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए। परिषद ने कहा कि सामाजिक सौहार्द की रक्षा, पीड़ितों को न्याय, अवैध कब्जों पर अंकुश और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता जैसे विषय सीधे जनता के जीवन और व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़े हैं। ऐसे में प्रशासन को इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय