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अनुराग हत्याकांड : बेटे की हत्या के दो साल बाद पिता की भी मौत

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अनुराग हत्याकांड : बेटे की हत्या के दो साल बाद पिता की भी मौत


जौनपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के कबीरुद्दीनपुर गांव के चर्चित ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव हत्याकांड से जुड़े परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे की हत्या के दो साल बाद पिता रामजीत यादव का भी निधन हो गया। वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में उपचार के दौरान गुरुवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली, शुक्रवार दोपहर उनकी दोनों बेटियों ने नगर के रामघाट पर पिता का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

परिजनों के अनुसार, बेटे की हत्या के बाद से रामजीत यादव गहरे सदमे में थे। वह लंबे समय से बीमारी से भी जूझ रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बीएचयू में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। रामजीत यादव के परिवार में पत्नी आशा देवी और दो बेटियां स्वाति यादव तथा आराधना यादव हैं। अनुराग अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

दो साल पहले तलवार से काटकर की गई थी हत्या

गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2024 को कबीरुद्दीनपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव की तलवार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। हमले में उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया था। उस समय अनुराग करीब 16-17 वर्ष का था और राज इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट का छात्र था। वह ताइक्वांडो की इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य और नोएडा की ओपन नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुका था।

घटना के बाद नवंबर 2024 में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। साथ ही दोनों बहनों की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की थी।

बेटे की हत्या के बाद अब परिवार के मुखिया रामजीत यादव के निधन से परिवार पर एक और बड़ी विपत्ति आ गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव