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शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक में पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची चादर

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शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक में पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची चादर


शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक में पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची चादर


शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक में पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची चादर


शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक में पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची चादर


शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक में पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची चादर


गोरखपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमा के सालाना उर्स-ए-पाक के दूसरे दिन गुरुवार को दरगाह परिसर पूरी तरह रूहानियत और अकीदत के रंग में रंगा नजर आया। चारों तरफ इबादत, दुआ और मोहब्बत का माहौल रहा, जहां हर मजहब और तबके के लोग एक साथ नजर आए—यही है गंगा-जमुनी तहज़ीब की असली तस्वीर।

उर्स के मौके पर घोष कम्पनी क्षेत्र से इरशाद बग्घी के मकान से निकली सरकारी चादर को पार्षद समद गुफरान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह चादर और गागर शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ दरगाह शरीफ पहुंची। इस दौरान रास्तों में जगह-जगह अकीदतमंदों ने चादर का इस्तकबाल किया। उर्स के मुबारक मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मंच संस्थापक इंद्रेश कुमार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे जाे किसी कारणवश कार्यक्रम में नहीं आ सके लेकिन उन्होंने अपना संदेश व अक़ीदत पेश करते हुए चादर भेजा है।

इस्लाम का असल पैगाम—अमन और इंसानियत

दरगाह सदर इकरार अहमद ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाएं इंसानियत, शांति और करुणा पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है जिसके हाथ और ज़ुबान से किसी को तकलीफ न पहुंचे। अगर इन शिक्षाओं पर अमल किया जाए तो समाज से बुराइयों का खात्मा संभव है।

मेले में रौनक, लोगों ने उठाया लुत्फ

दरगाह परिसर में लगे मेले में हलवा-पराठा, बिरयानी, शिरमाल, चाट और आइसक्रीम के साथ झूलों का भी इंतजाम रहा, जहां बच्चों से लेकर बड़ों तक ने भरपूर आनंद उठाया।

सरकारी चादर व गागर का जुलूस, कव्वाली की धूम

शाम को मियां बाजार से सरकारी चादर व गागर का जुलूस अदब के साथ निकाला गया। जुलूस मियां बाजार, कोतवाली रोड और जीलानी गली होते हुए दरगाह पहुंचा, जहां मजार पर चादर पेश कर दुआएं मांगी गईं।

रात में लिटिल चैंप अजमत आफताब वारसी और उत्तराखंड के कव्वाल इंतेजार साबरी ने शानदार क़व्वाली मुकाबला किया।

कार्यक्रम में हाजी खुर्शीद आलम खान, हाजी कलीम फरजंद, मौलाना वसीम अख्तर अजीजी, सैयद शहाब अहमद, कारी अफजल बरकाती ,कुतबुद्दीन खान, रमज़ान खान, हमज़ा खान, बाबी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय