रेड क्रॉस सोसाइटी की गतिविधियों को और अधिक गति देने की है आवश्यकता : राज्यपाल
लखनऊ, 31 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को जन भवन, लखनऊ में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की वार्षिक सामान्य बैठक संपन्न हुई।
बैठक में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं एवं कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य रेडक्रॉस की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाते हुए स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन तथा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही मानवीय सहायता को सुदृढ़ करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी अपने स्थापना उद्देश्यों के अनुरूप सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करे। उन्होंने कहा कि सोसाइटी की गतिविधियों को और अधिक गति देने की आवश्यकता है। किसी भी आपदा अथवा आवश्यकता के समय जिस प्रकार सेना के जवान समाज की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं, उसी प्रकार सोसाइटी की ऐसी विशिष्ट पहचान बननी चाहिए कि लोग उसे सेवा और मानवीय सहायता के लिए भरोसेमंद संस्था के रूप में देखें।
राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा इसके लिए स्थान चिन्हित किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक जनपद में ऐसे स्थान भी चिन्हित करने को कहा, जहां स्वच्छता अभियान चलाकर उन्हें स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने तथा लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
अपने कानपुर दौरे के दौरान रेल यात्रा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर गंदगी देखी। इसके बाद जन भवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नगर निगम के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें लगभग 40 टन कूड़ा एकत्र किया गया। इस प्रकार के कार्यों से बच्चों और युवाओं में भी स्वच्छता एवं सेवा का संस्कार विकसित किया जा सकता है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने योग को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 अगस्त, 2026 को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान द्वारा आयोजित विशेष योग सत्र में सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उज्बेक योग साधकों ने योग किया तथा प्रधानमंत्री ने स्वयं उनके योगासनों को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज पूरी दुनिया भारत से योग सीख रही है और उसे अपना रही है। भारत की प्राचीन योग परंपरा विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।
उन्होंने रेडक्रॉस के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को निर्देश दिया कि वे अपने आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में जाकर वहां बच्चों को योग सिखाने का कार्य करें। उन्होंने जन भवन में संचालित आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि जन भवन में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी वहां बच्चों को योग सिखाने का कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार की पहल प्रदेश के अन्य विद्यालयों में भी की जानी चाहिए।
राज्यपाल ने वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उनके घर जाएं और बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराएं। इसके लिए अभियान चलाया जाए तथा यह भी निरीक्षण किया जाए कि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जा रहे हैं अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि केवल नामांकन कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय

