home page

फर्जी नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची से 6.40 करोड़ का बैंक ऋण घोटाला, 12 के खिलाफ एफआईआर

 | 
फर्जी नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची से 6.40 करोड़ का बैंक ऋण घोटाला, 12 के खिलाफ एफआईआर


फर्जी नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची से 6.40 करोड़ का बैंक ऋण घोटाला, 12 के खिलाफ एफआईआर


अमेठी, 19 अगस्त (हि.स.)। भारतीय स्टेट बैंक की अमेठी शाखा की आंतरिक जांच में राजीव गांधी पॉलीटेक्निक, मुसाफिरखाना और ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के नाम पर कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से करीब 6.40 करोड़ रुपये का ऋण लेने का मामला सामने आया है। बैंक के मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह ने बुधवार को मुसाफिरखाना कोतवाली में तहरीर देकर 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बैंक की तहरीर के मुताबिक 15 मार्च 2022 से 15 जून 2024 के बीच राजीव गांधी पॉलीटेक्निक और ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के कर्मचारी बताकर अलग-अलग जिलों की एसबीआई शाखाओं से कुल 64 एक्सप्रेस क्रेडिट लोन स्वीकृत कराए गए। इनमें 11 ऋण अमेठी जिले की शाखाओं से लिए जाने की बात सामने आई है। बैंक के अभिलेखों के अनुसार कथित वित्तीय धोखाधड़ी की रकम करीब 6.40 करोड़ रुपये है। हालांकि अंतिम राशि अभिलेखों के मिलान, सत्यापन, ब्याज, शुल्क और अन्य समायोजनों के बाद निर्धारित होने की बात कही गई है। आरोप है कि कथित फर्जी कर्मचारियों के एसबीआई खातों में पहले पॉलीटेक्निक के एचडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा के चालू खातों से डमी क्रेडिट भेजा गया। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और फॉर्म-16 तैयार कर उन्हें वास्तविक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर एक्सप्रेस क्रेडिट लोन स्वीकृत कराए गए। शुरुआत में कुछ किस्तें जमा की गईं, लेकिन बाद में कई ऋण खाते एनपीए हो गए।

तहरीर में पॉलीटेक्निक के मैनेजर अमित द्विवेदी, प्रधानाचार्य देवेंद्र प्रसाद शुक्ला, निदेशक सरोज कुमार, सहायक राहुल नायक समेत कई लोगों के नाम दर्ज हैं। अमित द्विवेदी, पुष्पा देवी, राहुल नायक और अंकित शुक्ला समेत अन्य लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत होने की बात कही गई है। इसके अलावा अमित कुमार पांडेय, अंकिता, अनुराज और शैलेंद्र कुमार समेत अन्य लोगों पर भी संस्थान का कर्मचारी बताकर ऋण लेने का आरोप है। बैंक ने पुलिस को कर्मचारियों की सूची, ऋण खाता विवरण, कथित फर्जी नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, फॉर्म-16 की प्रतियां, बैंक स्टेटमेंट और धनराशि के लेनदेन से संबंधित फंड ट्रेल भी उपलब्ध कराया है।

मुसाफिरखाना कोतवाल विवेक सिंह ने बताया कि बैंक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ऋण खातों, दस्तावेजों और धनराशि के लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी