उत्तर प्रदेश के 4030 आंबेडकर प्रतिमा स्थलों के विकास के लिए योगी सरकार ने जारी किए 403 करोड़ रुपये
लखनऊ, 25 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10, यानी कुल 4,030 प्रतिमा स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये की धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दी है।
शासन के दस्तावेज के अनुसार, अनेक प्रतिमाएं छत और बाउंड्री वॉल जैसी आवश्यक सुविधाओं से रहित हैं, जिसके कारण वे मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा के प्रति संवेदनशील रहती हैं। ऐसे प्रतिमा स्थलों का संरक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रत्येक प्रतिमा स्थल के विकास के लिए औसतन 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध होगी। हालांकि शासनादेश में स्थल विकास की अधिकतम लागत 40 लाख रुपये प्रति मूर्ति स्थल निर्धारित की गई है और वास्तविक कार्य का आकलन स्थल की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, प्रतिमा स्थलों पर रैलिंगयुक्त स्टील की सीढ़ी, प्रतिमा की छत, बाउंड्री, फिनिशिंग, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण तैयार किया जाएगा। प्रतिमा के नाम और उसके इतिहास को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करने वाला 3×2.5 फीट आकार का सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा।
सार्वजनिक स्थल पर स्थापित पुरानी अथवा क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर संगमरमर की नई प्रतिमा स्थापित की जा सकेगी। इस तरह योजना केवल स्थल के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रतिमाओं के संरक्षण और प्रतिस्थापन को भी इसमें शामिल किया गया है। योजना का क्रियान्वयन संबंधित विभाग, नगरीय निकाय, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत अथवा ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जा सकता है। कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा स्थल का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।
शासन ने योजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए समय-सारिणी भी निर्धारित की है। परियोजना स्थलों के प्रस्ताव/आवेदन प्राप्त करने, स्थल निरीक्षण और आगणन तैयार करने तथा निविदा संबंधी प्रक्रिया के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। परियोजना को 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

