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सितंबर के अंत तक नगर की सभी सड़कें हाें दुरुस्त : के. विजयेंद्र पांडियन

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सितंबर के अंत तक नगर की सभी सड़कें हाें दुरुस्त : के. विजयेंद्र पांडियन


कानपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। सितंबर के अंत तक नगर क्षेत्र की सभी सड़कों को आवागमन के लिए सुगम बनाया जाए। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों को प्राथमिकता से दुरुस्त किया जाए। जहां फिलहाल डामरीकरण संभव नहीं है, वहां पैचवर्क और जरूरी मरम्मत कर सड़कों को हर हाल में मोटरेबल रखा जाए। यह बातें गुरुवार को मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने नगर क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण की समीक्षा के दौरान कहीं।

आयुक्त शिविर कार्यालय में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक, लोक निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता समेत सड़क निर्माण और अनुरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मंडलायुक्त ने सभी विभागों को अपने अधीन आने वाली सड़कों का विभागवार सर्वे कर उनकी मौजूदा स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर गड्ढे हैं या बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए।

समीक्षा के दौरान नगर निगम की ओर से बताया गया कि शहर में 38 सड़कों की मरम्मत का काम चल रहा है। मंडलायुक्त ने इन सभी कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम के अधीन आने वाली अन्य सड़कों का भी सर्वे कर जरूरत के अनुसार पैचवर्क कराने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के कारण जहां पूरा निर्माण या डामरीकरण तत्काल संभव नहीं है, वहां पैचवर्क और अन्य जरूरी मरम्मत कर सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। खराब सड़कों के कारण लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

लोक निर्माण विभाग ने बताया कि नगर क्षेत्र में 18 सड़कों को मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से 13 सड़कों को मोटरेबल बनाया जा चुका है, जबकि पांच सड़कों पर काम चल रहा है। मंडलायुक्त ने शेष कार्य जल्द पूरा कराने के साथ ही जीटी रोड पर तत्काल पैचवर्क कराने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से बताया गया कि बारिश के कारण अभी डामरीकरण का काम नहीं हो पा रहा है। इस पर मंडलायुक्त ने कहा कि मौसम अनुकूल होने का इंतजार करते हुए भी आवागमन प्रभावित नहीं होना चाहिए। तब तक जरूरी पैचवर्क और मरम्मत कर सड़कों को चलने योग्य रखा जाए।

मंडलायुक्त ने सभी विभागों को अपनी-अपनी सड़कों की नियमित निगरानी करने और गड्ढे या क्षतिग्रस्त हिस्सा मिलने पर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कों को दुरुस्त रखने में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप