दुनिया की सबसे बड़ी 100 कंपनियों की सूची में अब भारत की कोई भी कंपनी नहीं : अखिलेश यादव
लखनऊ, 20 मई (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुनिया की 100 बड़ी कंपनियों की सूची में भारतीय कंपनी के न होने की बात कही है। उन्होंने इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों को जिम्मेदार बताया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पॉट कर कहा कि ये है भाजपा की भ्रष्टाचारी आर्थिक नीतियों का दुष्प्रभाव। भाजपा की कमीशनख़ोरी ने हर कंपनी को कमज़ोर किया है,जिसकी वजह से कच्चे माल से लेकर तैयार माल तक कृषि और औद्योगिक उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे भारत की मैन्यूफ़ैक्चरिंग,शेयर-बुलियन मार्केट, बैंक, बीमा, मार्केटिंग, मैनेजमेंट, आईटी-सॉफ्टवेयर, ट्रांसपोर्टेशन, एमएसएमई, एफएमसीजी, टेक्सटाइल्स, हेल्थकेयर, लाइफ़स्टाइल, कम्युनिकेशन, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर सब बर्बादी की कगार पर आकर खड़े हो गये हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि विदेशी कंपनियों द्वारा भाजपा को एकमुश्त कमीशन देने की गुप्त योजना के कारण ही छोटे दुकानदार मारे गये हैं। इधर सुनार मारे जा रहे हैं, तो ऑनलाइन की मार से मेडिकल शॉप्स और किराने की दुकान तक बंद होनी शुरू हो चुकी हैं। इन सबकी केवल एक वजह है और वह है भाजपा की भ्रष्टाचारी नीतियाँ।
उन्होंने कहा है कि भाजपा की कमीशनख़ोरी से ही महंगाई बढ़ी, जिससे बाज़ार में मांग घटी और मंदी का दौर आया। इससे उत्पादन घटा, लोगों की छंटनी हुई और पिछले 10 सालों में बढ़ी बेतहाशा बेरोज़गारी बेलगाम हो गयी। सरकारी नौकरियाँ दी नहीं गईं, इससे कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था चौपट हो गई। रूपया डॉलर के मुक़ाबले पाताल की ओर चल पड़ा। निर्यात को गलत विदेश नीति की वजह से ज़बरदस्त नुक़सान हुआ और आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा बची नहीं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि गैस की क़िल्लत और महंगाई व पेट्रोल-डीज़ल के लगातार बढ़ते दामों ने हर वस्तु-सेवा महंगी कर दी। अफ़सरशाही और जीएसटी के भ्रष्टाचार ने रही सही कसर पूरी कर दी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दूसरों को संयम बरतने का प्रवचन देकर विदेशभ्रमण पर निकल गई है। जब दूसरों से कहो कि तुम रखो 'संयम' उससे पहले बनाओ ख़ुद के लिए 'नियम'। भाजपा हटाओ, अर्थव्यवस्था बचाओ। व्यापारी कहे आज का,नहीं चाहिए भाजपा।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

