प्रदेश में गरीबों को उजाड़ रही भाजपा सरकार, बिना नोटिस मकान-दुकान तोड़कर लोगों को किया बेघर : अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अयोध्या और मेरठ के पीड़ितों से मिले, बोले - पीड़ितों को मिले पूरा मुआवजा
लखनऊ,23 सितंबर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अयोध्या से लेकर मेरठ तक बड़े पैमाने पर लोगों को बेघर कर रही है। मकान और दुकानें ध्वस्त की जा रही हैं और लोगों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में कई लोगों के मकान और दुकानें बिना उचित नोटिस और मुआवजा दिए तोड़ दी गईं।
बुधवार को सपा प्रदेश मुख्यालय में अयोध्या से आए ध्वस्तीकरण प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि कार्रवाई में लोगों को घर और दुकान खाली करने का पर्याप्त अवसर तक नहीं मिला। कई परिवारों का घरेलू सामान, कारोबार से जुड़ी सामग्री और वर्षों की जमा-पूंजी मलबे में दबकर नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में पहले भी जमीन अधिग्रहण और उचित मुआवजा नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। अब एक बार फिर लोगों के मकान और दुकानें ध्वस्त कर उन्हें उजाड़ दिया गया। सरकार को प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर उन्हें पूरा मुआवजा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार पीड़ितों को मुआवजा नहीं देती है तो प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर प्रभावित परिवारों के नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी और जरूरतमंदों को पक्का मकान दिया जाएगा। उन्होंने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सपा सरकार द्वारा प्रभावित गांवों को दिए गए मुआवजे का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय प्रभावित लोगों की मांग से अधिक मुआवजा दिया गया था।
इस दौरान पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ के साथ आए अयोध्या के प्रभावित परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि रात में बुलडोजर चलाकर मकान और दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। कुछ लोगों ने बिना नोटिस दुकानें तोड़े जाने और सामान निकालने का मौका नहीं मिलने की बात कही।
अखिलेश यादव ने कहा कि कई प्रभावित दुकानों में रखा नकदी, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर, बेकरी और बुटीक का सामान तथा घरेलू सामग्री भी नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने घर और रोजगार दोनों का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट, पुलिस हिरासत में मौत और महिला अपराध की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करती है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

