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मुसलमानों को 34 साल से ठग रही समाजवादी पार्टी : मौलाना सैफ अब्बास

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मुसलमानों को 34 साल से ठग रही समाजवादी पार्टी : मौलाना सैफ अब्बास


मुस्लिम धर्मगुरु ने आजम खान से मुलाकात करने को बताया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश

राज्यसभा चुनाव में अखिलेश यादव के पीडीए से उम्मीदवार न दिए जाने पर भी उठाए सवाल

लखनऊ, 21 अक्टूबर (हि.स.)। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर मुस्लिम समाज की राजनीतिक उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को जारी अपने एक बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी पिछले 34 वर्षों से मुसलमानों का समर्थन लेती रही है, लेकिन उसके अनुरूप समाज को राजनीतिक भागीदारी नहीं मिली। उन्होंने सपा के राज्यसभा उम्मीदवार के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे और उसके फैसलों में विरोधाभास दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज सपा के रवैये को समझ रहा है और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी तथा असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को समर्थन देने से पर पुनर्विचार कर सकता है।

सपा को लेकर पूछे गए सवाल पर मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि राज्यसभा टिकट के फैसले से मुस्लिम समाज के एक बड़े वर्ग में असमंजस पैदा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि जब पार्टी पीडीए की बात करती है तो उसके पास पिछड़े, दलित या अल्पसंख्यक वर्ग से उम्मीदवार क्यों नहीं मिला। उन्होंने उम्मीदवार के पारिवारिक राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि पिता का किसी दूसरी पार्टी में होना और बेटे को सपा से टिकट मिलना पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इस फैसले पर जवाब देना चाहिए।

मौलाना ने कहा कि सपा को चुनावों में मुस्लिम समाज का व्यापक समर्थन मिलता रहा है, लेकिन इसके बदले समुदाय को अपेक्षित राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मुस्लिम मतदाताओं के बीच डर का माहौल बनाकर समर्थन हासिल किया जाता है, जबकि चुनाव के बाद उनकी समस्याओं और मुद्दों पर उतनी मजबूती से आवाज नहीं उठाई जाती। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुस्लिम समाज के साथ हुई घटनाओं पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर बयान देना ही किसी समुदाय के पक्ष में प्रभावी राजनीतिक आवाज उठाना नहीं है।

आजम खान से मुलाकात पर भी उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आजम खान से मिलने जाने के सवाल पर मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि इस तरह की मुलाकातों से मुस्लिम समाज को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सपा उसके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखता है और यह भी देखता है कि नेता किस समय और किन परिस्थितियों में उसके मुद्दों को उठाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सपा मुस्लिम समाज की समस्याओं को लेकर गंभीर थी तो उसे पहले से ही इस दिशा में अधिक मुखर भूमिका निभानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अब रामपुर और आजम खान की याद आने के राजनीतिक संदेश को भी लोग समझ रहे हैं।

ओवैसी की राजनीति पर भी साधा निशाना

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर टिप्पणी करते हुए मौलाना ने कहा कि वह देश के अलग-अलग राज्यों में मुस्लिम समुदाय के मुद्दे उठाते हैं, लेकिन तेलंगाना में अपनी पार्टी का प्रभाव हैदराबाद से बाहर बढ़ाने में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के बीच भावनात्मक मुद्दे उठाकर समर्थन जुटाने की राजनीति से व्यापक सामाजिक एकजुटता प्रभावित हो सकती है।

मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि मुस्लिम समाज अब राजनीतिक दलों के बयानों और उनके वास्तविक फैसलों के बीच अंतर को देख रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समुदाय का रुख दलों के कामकाज और उनकी राजनीतिक भागीदारी के प्रति दृष्टिकोण के आधार पर तय होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा