हम कोई साधु-संत नहीं, हमें गद्दी नहीं कुर्सी चाहिए : अखिलेश यादव
- भाजपा छोड़कर पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और आईएएस राम बहादुर पासी समेत चार बड़े चेहरे सपा में हुए शामिल
- सपा अध्यक्ष बाेले - पूरब से पश्चिम तक के लोग आ रहे पीडीए के साथ, चुनाव में होगी सपा की जीत
लखनऊ, 26 अक्टूबर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 'हम कोई साधु-संत नहीं है। हमें गद्दी नहीं, कुर्सी चाहिए।' सपा अध्यक्ष ने यह बात मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ द्वारा 'अखिलेश अब यूपी की गद्दी पर नहीं बैठ पाएंगे' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कही।
अखिलेश यादव साेमवार काे राजधानी लखनऊ के प्रदेश पार्टी मुख्यालय में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पत्रकाराें काे संबाेधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी में आज बड़ी ज्वॉइनिंग हुई है। पार्टी में आने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर चार बड़े चेहरों शामिल हुए हैं। इनमें बदायूं दातागंज से भाजपा के दो बार के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य, बिसौली से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, चंद्र कुमार मिश्र और पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी अब हमारे साथ आ गए हैं। इनके आने से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार और बढ़ गया है। उन्होंने पार्टी के पीडीए परिवार का हिस्सा बनने के लिए सभी को बधाई दी।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरब से पश्चिम तक के लोग सपा में आ रहे। इस तरह से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार लगातार बढ़ रहा है। आने वाले चुनाव में समाजवादियों के परिवार की जीत बड़ी होगी। उन्हाेंने पार्टी में शामिल नये कहा कि चुनाव अब करीब आ गया है, बहुत समय नहीं बचा है। आज के साथियों की ज्वाइनिंग से पूरब भी हिल गया और पश्चिम भी हिल गया है।
सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर एक फिर से सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में हेरा फेरी, धांधली, मतदाता के साथ खिलवाड़, अभी भी नहीं रुक रहा। मतदाता सूची में 'सुनीता पत्नी राजेश' नाम की प्रदेश के कई जिलों में 2000 से अधिक एंट्री मिली हैं। विपक्षी दलों की एकजुट आवाज़ के बाद ही चुनाव आयोग को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी है। इलेक्शन कमीशन की जिम्मेदारी बनती है कि कोई वोट डबल, ट्रिपल न बने।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानी का चुनाव इन्होंने इसलिए नहीं होने दिया क्योंकि एक एक वोटर को प्रधान पहचानता है। ये मुख्य चुनाव में जो धांधली करना चाहते हैं और उसकी तैयारी बड़े पैमाने पर है, हमारी मांग है कि वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ा जाए। अखिलेश यही नहीं रूके और आगे कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम ये जो वोट फिक्सिंग चल रही है, खत्म होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सरकार सवाल से डरती है। जो सरकार सवाल से डरती है वो हमेशा लोकतंत्र को कमजोर करती है।
सपा अध्यक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि लखनऊ में मर्डर और गोरखपुर जेल में संदिग्ध मौतें सरकार की नाकामी दर्शाती हैं। विवादित होर्डिंग्स पर उन्होंने पूछा कि इन्हें कौन लगवा रहा है और इसके पीछे पैसा किसका लगा है? इस मौके पर 05 गरीब महिलाओं को नए घरों की चाभी सौंपी गई। अखिलेश यादव ने गरीबों के लिए 05 लाख रुपये में मकान बनवा कर देने वाले मंतोष यादव को सम्मानित किया। प्रदेश में सपा की सरकार आने पर भविष्य में गरीबों को सुविधा देने का काम करेंगे, गरीबों को घर देने का काम करेंगे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं ये भरोसा दिलाता हूं कि समाजवादी सरकार में आने वाले समय में महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर अवकाश होगा और जयंती का कार्यक्रम बड़े पैमाने पर मनाने का काम भी होगा। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव, राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल समेत पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

