home page

एआई से शिक्षा को मिलेगा नया आयाम : प्रो. विनय कुमार पाठक

 | 
एआई से शिक्षा को मिलेगा नया आयाम : प्रो. विनय कुमार पाठक


कानपुर, 08 अप्रैल (हि.स.)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उच्च शिक्षा संस्थान अब तकनीक-संचालित व्यवस्थाओं की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी दिशा में विश्वविद्यालय स्तर पर एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इससे शिक्षण, प्रशासन और संवाद प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। नई तकनीकों के समावेश से छात्रों और शिक्षकों दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है। “एआई के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाया जा सकता है” यह बातें बुधवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।

।छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने एआई आधारित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक तंत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कैंपस एआई प्रमोशन (CAM) सेल की पहली आउटरीच गतिविधि का शुभारंभ किया। एडुबडी के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संबद्ध महाविद्यालयों के लगभग 100 शिक्षक एवं प्राचार्य भाग ले रहे हैं।

तात्या टोपे सीनेट हॉल में आयोजित उद्घाटन सत्र में कुलपति ने विश्वविद्यालय को तकनीक-संचालित शिक्षण एवं प्रशासन का केंद्र बनाने की परिकल्पना प्रस्तुत की। कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने एआई उपकरणों के उपयोग से शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने पर जोर दिया और इसके जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में एडुबडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल पांडेय ने एआई के व्यावहारिक उपयोग और संस्थागत जरूरतों के अनुसार इसके अनुकूलन पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के पहले दिन एआई की अवधारणा, शिक्षण-अधिगम, परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक कार्यों में इसके उपयोग पर चर्चा की गई। दूसरे दिन एआई के व्यवहारिक प्रयोग, सुरक्षित उपयोग और कार्यान्वयन की रूपरेखा पर फोकस किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रो. बृष्टि मित्रा, डॉ. आलोक कुमार और डॉ. संदेश गुप्ता सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय द्वारा एआई के विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण और स्थानीय समाधान विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप