यूएनईपी टीईईबी एग्रीफूड परियोजना के तहत किसानों को ढैंचा बीज वितरण
फतेहपुर, 05 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार को भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से यूएनईपी टीईईबी एग्रीफूड परियोजना के तहत मलवां ब्लॉक स्थित शिवराजपुर गांव में ढैंचा बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य सतत एवं जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
इस पहल के अंतर्गत पर्यावरण को अनुकूल हरित खाद (ग्रीन मैन्योर) आधारित कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करते हुए किसानों को ढैंचा बीज वितरित किए गए, जिससे प्राकृतिक रूप से मृदा उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 किसानों, जिनमें महिलाओं की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही। कुल 200 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाले ढैंचा बीज वितरित किया गया।
वैज्ञानिकों ने बताया कि ढैंचा एक तीव्र वृद्धि करने वाली दलहनी फसल है, जो मृदा में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को कम करती है तथा दीर्घकालिक मृदा स्वास्थ्य सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके उपयोग से कृषि उत्पादन प्रणाली अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण को अनुकूल बनती है।
कार्यक्रम में उप जिला कृषि अधिकारी योगेंद्र सिंह, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर से योगेश मिश्रा, आईसीएआर-आईआईएफएसआर, मोदीपुरम से डॉ. तनसीर आलम खान व अंकित वर्दिया तथा महर्षि भृगु महिला समूह के संरक्षक वीरेंद्र यादव उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र कुमार

