आगरा जिला जेल में निरुद्ध बंदी ने की आत्महत्या
आगरा, 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में सोमवार देर शाम जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी ने जिला जेल के अस्पताल परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना के बाद पहुंची थाना हरि पर्वत पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजते हुए कार्रवाई की। इस मामले में लापरवाही के चलते जेल वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आगरा जनपद के थाना क्षेत्र हरिपर्वत अंतर्गत जिला कारागार में निरुद्ध सजायाफ्ता/विचाराधीन बंदी मुस्तकीम(37) उर्फ मटोर पुत्र शरीफ उर्फ शफ़रुद्दीन निवासी वजीरपुरा थाना हरीपर्वत ने जिला जेल परिसर के अंदर फार्मासिस्ट कक्ष में अंदर से कुंडी लगाकर एक कम्बल के किनारे का फंदा तैयार कर पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। घटना के संबंध में जिला जेल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। उक्त जानकारी मिलते ही मौके पर एसीपी सहित थाना हरिपर्वत पुलिस बल पहुंचा और अंदर से बंद फार्मासिस्ट कक्ष की कुंडी को फॉरेंसिंक (एफएसएल) टीम की मौजूदगी में वीडियोग्राफी करते हुए तोड़ा गया।
एफएसएल एवं स्थानीय पुलिस ने मौके से साक्ष्यों को एकत्रित करने के बाद मृतक बंदी मुस्तकीम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रथम दृष्टया काम में लापरवाही को लेकर जेल वार्डन विश्व दीप चौहान के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
हरी पर्वत थाना प्रभारी नीरज शर्मा ने मंगलवार को बताया कि मृतक बंदी मुस्तकीम उर्फ मटोर पर कुल 7 मुक़दमे पंजीकृत थे। इनमें दो मुकदमों में बंदी को न्यायालय से सजा मिल चुकी थी। अन्य मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। वह 9 जुलाई 2024 से जिला जेल में सजायाफ्ता बंदी था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vivek Upadhyay

