सूर्यविहार किशोर कारागार में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
गोरखपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। किशोर न्याय अधिनियम के तहत किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला जज राज कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने अधिकारियों के साथ तिवारीपुर थाना क्षेत्र स्थित सूर्यविहार किशोर कारागार (सम्प्रेक्षण गृह) का निरीक्षण किया।
सूर्यविहार किशोर कारागार में केवल देवरिया और कुशीनगर जनपद के किशोर रहते हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किशोरों के रहने की व्यवस्था, भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, विधिक सहायता, कौशल विकास और मनोवैज्ञानिक परामर्श सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सम्प्रेक्षण गृह के बैरकों और कमरों की साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन की स्थिति देखी। संबंधित अधिकारियों से नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के बारे में जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि किशोरों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को लगातार बेहतर रखा जाए।
अधिकारियों ने किशोरों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और नियमितता की भी जानकारी ली। भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा किशोरों को पौष्टिक एवं मानक के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए किशोरों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाओं और बीमारी की स्थिति में तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान विधिक सहायता की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रत्येक किशोर को उसके मामले और कानूनी अधिकारों की जानकारी समय से मिले तथा आवश्यकता के अनुसार विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। किशोरों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने के भी निर्देश दिए गए।
जिला जज राज कुमार और जिलाधिकारी दीपक मीणा एसएसपी डॉ कोस्तुभ ने शिक्षा एवं सुधारात्मक गतिविधियों की भी जानकारी ली। किशोरों के लिए संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण की स्थिति देखी गई। अधिकारियों ने कहा कि किशोरों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा तथा कौशल विकास से जोड़ा जाए, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि किशोरों की व्यक्तिगत और भावनात्मक समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना जाए तथा जरूरत के अनुसार उन्हें नियमित काउंसलिंग उपलब्ध कराई। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया गया और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देवरिया और कुशीनगर से यहां रहने वाले सभी किशोरों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समान सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सम्प्रेक्षण गृह का उद्देश्य केवल किशोरों को रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित एवं सुधारात्मक वातावरण देकर शिक्षा, कौशल और परामर्श के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करना भी है।
निरीक्षण के दौरान जिला जज राज कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटील, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह और क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सम्प्रेक्षण गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

