पॉक्सो एक्ट से जुड़े किशोरों को मिला मनोवैज्ञानिक सहयोग, विशेषज्ञों ने दिए तनाव से निपटने के उपाय
जौनपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में मंगलवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह/बाल गृह, गाजीपुर में पॉक्सो एक्ट से संबंधित किशोरों के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरों को भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के साथ उनमें सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और आत्मनियंत्रण की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम में राजकीय महिला पीजी कॉलेज, गाजीपुर के मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिव कुमार, मनोवैज्ञानिक काउंसलर सुषमा मौर्या और शोधार्थी श्वेता गुप्ता ने किशोरों से संवाद किया। विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत एवं सामूहिक परामर्श के माध्यम से तनाव, भय, अपराधबोध और नकारात्मक भावनाओं से सकारात्मक तरीके से निपटने के उपाय बताए। साथ ही किशोरों को अपनी भावनाओं को समझने और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. शिव कुमार ने कहा कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत संवेदनशील चरण है। इस दौरान समय पर मिलने वाला मनोवैज्ञानिक सहयोग किशोरों के व्यक्तित्व विकास और भविष्य को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी और संस्था अधीक्षक राम अचल मौर्य का सहयोग रहा। कार्यक्रम समन्वयक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहे किशोरों को सहयोगात्मक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना उनके सकारात्मक पुनर्वास और बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

