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भाजपा के छह पार्षदों पर कार्रवाई की मांग, भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने 75 पार्षदों के समर्थन का किया दावा

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भाजपा के छह पार्षदों पर कार्रवाई की मांग, भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने 75 पार्षदों के समर्थन का किया दावा


कानपुर, 24 जून (हि.स.)। भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने पार्टी के छह पार्षदों पर संगठन की छवि धूमिल करने और अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि 75 भाजपा पार्षद उनके समर्थन में हैं और यदि संगठन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं। यह बातें नवीन पंडित ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।

कानपुर नगर निगम की राजनीति में बुधवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने प्रेसवार्ता कर पार्टी के कुछ पार्षदों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम सदन से निष्कासित किए जा चुके दो पार्षदों समेत कुल छह पार्षद लगातार संगठन और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर रहे हैं।

नवीन पंडित ने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही के दौरान भी संबंधित पार्षदों का व्यवहार अनुशासनहीन रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार ये पार्षद विरोध प्रदर्शन के अलग-अलग तरीकों से सदन की कार्यवाही प्रभावित करने का प्रयास करते रहे हैं। उनका कहना था कि नगर निगम के सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराए गए हैं, इसके बावजूद कुछ पार्षद लगातार भेदभाव के आरोप लगाकर संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महापौर प्रमिला पांडेय पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और आरोप लगाने वाले पार्षद अब तक अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। नवीन पंडित के अनुसार महापौर विकास कार्यों को प्राथमिकता देकर काम कर रही हैं, जबकि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से विवाद खड़ा कर रहे हैं।

पार्षद दल के नेता ने बताया कि इस संबंध में पार्टी पदाधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई है। उन्होंने संगठन से मांग की कि संबंधित छह पार्षदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसा नहीं होता है तो उनके समर्थन में खड़े 75 पार्षद सामूहिक इस्तीफे पर विचार कर सकते हैं।

नवीन पंडित ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर किसी प्रकार का गुटीय संघर्ष नहीं है, लेकिन संगठन विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पार्षद को कोई शिकायत थी तो उसे पार्टी मंचों पर उठाया जाना चाहिए था, न कि सार्वजनिक रूप से संगठन और नेतृत्व पर आरोप लगाए जाने चाहिए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद लगातार पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भी असंतोष पैदा हो रहा है। संगठन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता और पार्षद पार्टी हित को सर्वोपरि मानते हैं और उसी के अनुरूप आगे की रणनीति तय की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप