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मेट्रो से सेंट्रल पहुंचना हुआ और भी आसान, गेट नंबर–1 सीधे रेलवे रैंप से जुड़ा

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मेट्रो से सेंट्रल पहुंचना हुआ और भी आसान, गेट नंबर–1 सीधे रेलवे रैंप से जुड़ा


कानपुर, 02 दिसंबर (हि.स.)। मेट्रो स्टेशन से कानपुर सेंट्रल पहुंचना अब और भी आसान हो गया है। पहले यहां केवल गेट नंबर–2 संचालित था, जिससे यात्रियों को लंबा घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता था। अब गेट नंबर–1 को सीधे रेलवे स्टेशन रैंप से जोड़ दिया गया है, जिससे दोनों गेट यात्रियों के उपयोग में आ गए हैं। जानकारी मंगलवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने दी।

मेट्रो शहर में मल्टी–मॉडल कनेक्टिविटी स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मेट्रो जहां शहर के भीतर महत्वूपर्ण स्थलों को जोड़ रहा है, वहीं शहर से बाहर यात्रा करने वालों के लिए भी यह एक बड़ी सुविधा सिद्ध हो रहा है। इसी सोच के तहत मेट्रो स्टेशनों को रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों के नजदीक बनाया गया है। आने वाले समय में झकरकटी बस स्टेशन भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे शहरवासियों की स्थानीय एवं बाहरी दोनों यात्राएं और आसान होंगी।

आज प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने रिबन काटकर इस द्वार को यात्रियों के लिए खोला। प्रबंध निदेशक ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉरिडोर–1 और कॉरिडोर–2 के निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण भी किया, साथ ही सीएसए परिसर स्थित कॉरिडोर-2 डिपो में अनलोड की गई कॉरिडोर-2 की पहली मेट्रो ट्रेन का भी अनावरण किया।

कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन घंटाघर चौराहे के समीप स्थित है। इसी स्थान पर अमृत भारत योजना के अंतर्गत सात मंजिला रेलवे स्टेशन भवन का विस्तारकार्य भी प्रगति पर है। निर्माणाधीन भवन के कारण मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक सुगम मार्ग तैयार करना चुनौतीपूर्ण था। प्रारंभिक चरण में रेलवे अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर–1 को रेलवे मार्ग से जोड़ा गया था। यहां लिफ्ट, सीढ़ी और एस्केलेटर उपलब्ध थे, परंतु एस्केलेटर एवं सीढ़ियां यात्रियों को केवल पहले तल तक ही पहुंचा पाती थीं, जिसके आगे निर्माणाधीन भवन की सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ता था।

इसके समाधान के लिए गेट नंबर–1 को बंद कर, इसे सीधे स्टेशन मार्ग से जोड़ने के लिए नई सीढ़ी एवं एस्केलेटर का निर्माण किया गया, जो अब पूर्ण होकर उपयोग में आ गया है। गेट नंबर–1 के खुलने से यात्रियों को मेट्रो द्वारा निर्मित सीढ़ियों और एस्केलेटर के माध्यम से सीधे ऊपर रेलवे स्टेशन के रैंप तक पहुंचना संभव हो गया है। लिफ्ट पूर्ववत कार्यरत है। इससे यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज, तेज और सुविधाजनक हो गई है।

उन्होंने सीएसए परिसर स्थित कॉरिडोर-2 डिपो में हाल ही में अनलोड की गई कॉरिडोर-2 की पहली मेट्रो ट्रेन का अनावरण भी किया। कॉरिडोर-2 की ट्रेनों में भी कॉरिडोर-1 की ट्रेनों जैसा कलर पैटर्न प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही कॉरिडोर–1 और कॉरिडोर–2 के निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशनों का दौरा किया और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप