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कवि गोष्ठी में सजी काव्य की महफिल, कवियों ने बांधा समां

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कवि गोष्ठी में सजी काव्य की महफिल, कवियों ने बांधा समां


कवि गोष्ठी में सजी काव्य की महफिल, कवियों ने बांधा समां


नागरी प्रचारिणी सभा की रविवारीय

देवरिया, 12 जुलाई (हि.स.)। नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा रविवार को आयोजित द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी में कवियों ने विविध रस, भाव और छंदों से सजी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साहित्यिक वातावरण में आयोजित इस गोष्ठी में जिले के साथ-साथ बिहार से आए कवियों ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम का शुभारंभ माहिर विचित्र द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना नमन है मां शारदे, हाथ वीणा है सुशोभित से हुआ। इसके बाद रंजीता श्रीवास्तव ने स्वागत गीत मन की वीणा से झंकृत ध्वनि, मंगलम स्वागतम प्रस्तुत कर माहौल को साहित्यिक रंग में रंग दिया। क्षमा श्रीवास्तव ने सलवटें पड़ी हैं चेहरे पर जो मेरे गीत के माध्यम से भावनाओं की गहराई को अभिव्यक्त किया।

रानी दुर्गावती ने जब उसने मुझसे ऐसा बोला कविता के जरिए एक मां की पीड़ा और बेबसी का मार्मिक चित्रण किया, जिससे श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। छेदी प्रसाद गुप्त 'विवश' ने भोजपुरी गीत केहु के बाति में आवल गुनाह हो जाला सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। अंजलि अरोड़ा 'खुशबू' ने गजल मोहब्बत पर गुमां होगा के माध्यम से प्रेम की संवेदनाओं को स्वर दिया।

रामेश्वर तिवारी 'राजन' ने चंचल चित्त वियोगी कविता प्रस्तुत की, जबकि डॉ. शकुंतला दीक्षित ने दार्शनिक भावों से ओतप्रोत रचना हिमगिरि से जन्म लिया मैंने सुनाई। बिहार के गोपालगंज से आए सुबास पाण्डेय 'संगीत' ने भोजपुरी गीत और उमेश चौबे 'अश्क' ने गुम सुम भइल जेठ दुपहरी के माध्यम से ग्रामीण जीवन और मौसम की सजीव तस्वीर प्रस्तुत की।

गोष्ठी में लालता प्रसाद चौधरी, पार्वती देवी 'गौरा', कीर्ति त्रिपाठी, ओमप्रकाश द्विवेदी, रविनंदन सैनी, डॉ. एस.एन. मणि, श्वेता राय, ताज मोहम्मद, महेश सिंह 'दीपक', रंधा देवी, गोपाल जी त्रिपाठी, चंदन सोनी, प्रार्थना राय और आशुतोष त्रिपाठी सहित अनेक कवियों ने भी काव्यपाठ किया।

कार्यक्रम से पूर्व सभा के मंत्री डॉ. अनिल कुमार और अध्यक्षता कर रहे इंद्र कुमार दीक्षित ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बिहार से आए कवि सुबास पाण्डेय 'संगीत' और उमेश चौबे 'अश्क' को उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय ने किया। गोष्ठी में पद्मभूषण से सम्मानित पं. हरीश तिवारी की उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक