एमपीओ से हो रहा रोजाना डेढ़ लाख लीटर दुग्ध संग्रहण
गोरखपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर नारी, सशक्त नारी' विजन को धरातल पर उतारते हुए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ), पूर्वी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कर रहा है। इस एमपीओ से जुड़ी महिलाओं के माध्यम से वर्तमान में प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर दुग्ध का संग्रहण किया जा रहा है। पारदर्शी व्यवस्था और सीधे भुगतान की व्यवस्था से बीते तीन वर्षों में सदस्य महिलाओं को 300 करोड़ रुपये का दुग्ध मूल्य भुगतान उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ का पंजीकरण 29 अगस्त 2022 को किया गया था। ग्रामीण महिलाओं को दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त करने तथा गांवों में एक संगठित, टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर डेयरी अर्थव्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, 26 नवंबर 2023 से इस एमपीओ का परिचालन शुरू हुआ। इस एमपीओ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी के अनुसार करीब तीन साल के परिचालन में ही एमपीओ से गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ और संतकबीरनगर जिले के 1200 गांवों की 73 हजार महिलाएं इसकी सदस्य बन चुकी हैं। वर्तमान में इस एमपीओ में प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर दुग्ध संग्रहीत हो रहा है। पारदर्शी व्यवस्था के साथ दुग्ध भुगतान प्रत्येक 10 दिन में सीधे सदस्य महिलाओं के बैंक खातों में किया जाता है। अब तक हुए दुग्ध संग्रह के एवज में करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
एमपीओ के सीईओ का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित यह एमपीओ मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन और श्वेत क्रांति के समन्वय की एक मिसाल बनकर उभरा है। इसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी है।
10 करोड़ रुपये का पशु ऋण भी दिलाया
श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ द्वारा दुग्ध उत्पादकों की उत्पादकता एवं आय बढ़ाने के लिए पशुपालन से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। संस्था बैंकों के माध्यम से महिला दुग्ध उत्पादकों को पशु खरीद के लिए ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग कर रही है। अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये के पशु ऋण का वितरण कराया जा चुका है।
इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण पशु पोषण, संतुलित आहार, वैज्ञानिक पशुपालन एवं पशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पशुओं के उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल वेटरिनरी वैन का संचालन किया जा रहा है।
महिला दुग्ध उत्पादकों के ज्ञान एवं क्षमता विकास के लिए समय-समय पर वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादक परिवारों के बच्चों के लिए करियर डेवलपमेंट कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही महिला दुग्ध उत्पादक परिवारों की सुविधा, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा पशुपालन से प्राप्त गोबर के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से एमपीओ द्वारा अब तक 100 घरेलू बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन बायोगैस संयंत्रों से पशुपालक परिवारों को घरेलू ईंधन की सुविधा मिलने के साथ-साथ गोबर के उपयोग से आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे महिलाओं के घरेलू कार्यों में सुविधा तथा परिवारों के ईंधन संबंधी खर्च में कमी लाने में भी सहायता मिल रही है।
एनडीडीबी गुजरात में मिलेगा महिलाओं को वैज्ञानिक प्रशिक्षण
श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ ने सदस्य पशुपालक महिलाओं को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन व्यवसाय का वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिलाने की भी पहल की है। इसके लिए एमपीओ की तरफ से पहले चरण में 50 महिलाओं को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) आणंद गुजरात भेजा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

