मंडलायुक्त ने 10 करोड़ से अधिक की 120 परियोजनाओं की की गहन समीक्षा
गोरखपुर, 22 जून (हि.स.)। मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के चारों जनपद—गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर में चल रही बड़ी परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, बजट उपयोग और समय सीमा की बिंदुवार समीक्षा की गई। देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और अपने-अपने जनपदों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की।
प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मंडल में कुल 120 प्रमुख परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें 44 सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाएं हैं, जबकि 76 भवन निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों से संबंधित हैं। सड़क परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-3) की 21, निर्माण खंड-2 की 9, प्रांतीय खंड की 10, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की 1 और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 3 परियोजनाएं शामिल हैं। मंडलायुक्त ने इन परियोजनाओं की प्रगति पर असंतोष जताते हुए जहां कार्य धीमा पाया गया, वहां जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
भवन निर्माण एवं अन्य 76 परियोजनाओं में चिकित्सा, शिक्षा, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर, सामुदायिक सुविधाएं और अन्य जनहित से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मंडलायुक्त ने कहा कि इन परियोजनाओं का सीधा संबंध आम जनता की सुविधाओं से है, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।
बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि जिन परियोजनाओं में भूमि विवाद, तकनीकी अड़चन या बजट संबंधी समस्या आ रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करे और कार्यों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे। साथ ही, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और गुणवत्ता की थर्ड पार्टी जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनपद गोरखपुर की परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि अधिकांश कार्य समयसीमा के भीतर पूरे किए जा रहे हैं, जबकि शेष कार्यों में तेजी लाई जा रही है।
नगर आयुक्त अजय जैन ने शहरी क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं—विशेषकर सड़क, ड्रेनेज और नगर विकास कार्यों की स्थिति प्रस्तुत की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, सीआरओ हिमांशु वर्मा, डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्यों में देरी और लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित की परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण कराएं, ताकि विकास का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच सके।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

