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कानपुर मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के लिए सभी 39 ट्रेनें पहुंचीं कानपुर : सुशील कुमार

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कानपुर मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के लिए सभी 39 ट्रेनें पहुंचीं कानपुर : सुशील कुमार


कानपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। शहर में मेट्रो के विस्तार की तैयारियों को नई गति मिली है। कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) की दसवीं और अंतिम ट्रेन भी सीएसए परिसर स्थित डिपो पहुंच गई है। इसके साथ ही कानपुर मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के लिए निर्धारित सभी 39 ट्रेनों की आपूर्ति पूरी हो गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इसे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

सुशील कुमार ने शुक्रवार को बताया कि कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) की सभी 29 ट्रेनों की आपूर्ति सितंबर 2025 में ही पूरी हो गई थी। अब कॉरिडोर-2 के लिए भी सभी 10 ट्रेनें उपलब्ध हो गई हैं। इससे शहर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के लिए जरूरी संसाधन तैयार हो गए हैं। दोनों कॉरिडोर की कुल 39 ट्रेनों में तीन-तीन डिब्बे हैं।

यूपीएमआरसी के अनुसार, सभी मेट्रो ट्रेनें गुजरात के सावली स्थित विनिर्माण संयंत्र में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाई गई हैं। इनमें अत्याधुनिक संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली लगी है, जो स्वचालित परिचालन की सुविधा देती है। ऊर्जा की खपत कम करने के लिए पुनर्योजी ब्रेकिंग तकनीक और आधुनिक प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है। वातानुकूलन व्यवस्था में कार्बन डाइऑक्साइड सेंसर लगाए गए हैं, जो यात्रियों की संख्या के अनुसार काम करते हैं।

प्रत्येक ट्रेन की यात्री क्षमता करीब 974 है। इनकी अधिकतम डिजाइन गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा और परिचालन गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन उपकरण, धुआं पहचानने वाले सेंसर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी सुविधा और सूचना व मनोरंजन के लिए एलसीडी पैनल भी उपलब्ध हैं।

मेट्रो ट्रेनों को बिजली की आपूर्ति थर्ड रेल प्रणाली से होती है। आधुनिक तकनीक और ऊर्जा संरक्षण की सुविधाओं से लैस ये ट्रेनें शहर में सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप