मेथाडिस्ट मिशन स्कूल पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही, 36 बीघा नजूल भूमि सरकार के पास वापस
सीतापुर, 10 जुलाई (हि.स.)। नजूल की जमीन को लेकर सीतापुर जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। एक तरफ जहां इस कार्यवाही को लेकर के नजूल पर बने मकान में रहने वाले लोगों के अंदर भय व्याप्त हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर इसे सरकार द्वारा अपने कब्जे में लेने की नीयत से भी देखा जा रहा है।
सिविल लाइन्स स्थित मेथोडिस्ट मिशन गर्ल्स जूनियर हाई स्कूल से जुड़ी नजूल भूमि मामले में जिला प्रशासन ने शुक्रवार दोपहर बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 43 बीघा भूमि में से 36 बीघा जमीन को राज्य सरकार में निहित कर लिया। शेष सात बीघा भूमि को चर्च, स्कूल संचालित होने के चलते छोड़ दिया गया है। जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 3.562 हेक्टेयर नजूल भूमि का अनुदान निरस्त किए जाने के आदेश के अनुपालन में प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जे की कार्रवाई पूरी की।
जिला प्रशासन के अनुसार परिसर में लगभग सात बीघा भूमि पर जहां चर्च का प्रार्थना स्थल और विद्यालय संचालित है, उसे फिलहाल यथावत रखा गया है। इसके अतिरिक्त शेष भूमि को अधिग्रहीत कर राज्य सरकार में निहित कर दिया गया है। प्रशासन ने 15 दिन पूर्व में विद्यालय के मुख्य द्वार पर 34 पृष्ठों का आदेश चस्पा कर संबंधित पक्षों को अवगत कराया था।
आठ बुलडोजर एक साथ पहुंचने पर लोगों में मचा हड़कंप
शुक्रवार, को सदर एसडीएम डॉ. जनार्दन कुमार, तहसीलदार अजीत कुमार जायसवाल, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल, न्यायिक एसडीएम, नगर पालिका परिषद सीतापुर की प्रभारी अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह तथा सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस दौरान सीतापुर सदर कोतवाली, सीतापुर देहात कोतवाली, रामकोट, इमलिया सुल्तानपुर और मछरेहटा थानों की पुलिस समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
मामले की सुनवाई के दौरान स्कूल प्रबंधन ने वर्ष 1862 के कथित क्रय-विलेख के आधार पर भूमि पर स्वामित्व का दावा किया था। हालांकि जिलाधिकारी न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रबंधन पूर्व में वर्ष 1906 की लीज डीड और नजूल रजिस्टर में दर्ज अभिलेखों के आधार पर लगान जमा करता रहा है, इसलिए भूमि पर अंतिम स्वामित्व सरकार का ही माना जाएगा। न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद-30 का हवाला देकर प्रस्तुत आपत्तियों को भी स्वीकार नहीं किया। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में भूमि का बड़ा हिस्सा वर्षों से खाली और अनुपयोगी पाया गया।
बनेगा वेंडिंग जोन
कब्जे में ली गई भूमि को नगर पालिका परिषद सीतापुर को हस्तांतरित कर यहां आधुनिक वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना है, जिससे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही उप निबंधक को संबंधित भूमि के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण अथवा बैनामे पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम जनार्दन ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश पर यह कार्रवाई की गई है उन्होंने बताया कि नजूल पर बने अथवा अवैध रूप से रह रहे भूस्वामियों, कब्जाधारियों के खिलाफ आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी
हिन्दुस्थान समाचार / Mahesh Sharma

