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मुरादाबाद : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत में एक दूसरे के हुए 315 जोड़े

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मुरादाबाद : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत में एक दूसरे के हुए 315 जोड़े


- प्रति जोड़ा एक लाख रुपये के मानक के अनुरूप कुल 3.15 करोड़ रुपये की धनराशि से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिला संबल

मुरादाबाद, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सोमवार को जनपद मुरादाबाद के बुद्धि विहार में सर्किट हाउस के पीछे स्थित एमडीए ग्राउंड में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में कुल 315 जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधे। इस समारोह में नवदंपतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। आयोजन में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा विवाह समारोह को गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। प्रति जोड़ा एक लाख रुपये के निर्धारित मानक के अनुरूप 315 जोड़ों के लिए कुल 3 करोड़ 15 लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुरादाबाद नगर विधानसभा से विधायक रितेश गुप्ता, एमएलसी गोपाल अंजान, एमएलसी डॉ जयपाल सिंह व्यस्त सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की।

योजना के तहत नकद सहायता, उपहार सामग्री और आयोजन की व्यवस्था :

योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रति जोड़ा एक लाख रुपये की धनराशि में से 64 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में अंतरित करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त शासनादेश के अनुरूप 21 हजार रूपए में निर्धारित सामग्रियों के अतिरिक्त अन्य जरूरी घरेलू सामग्रियां भी प्रशासनिक स्तर से उपहार के रूप नवदंपति को उपलब्ध कराई गईं, जबकि 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा विवाह समारोह की व्यवस्थाओं, खानपान एवं अन्य आवश्यक आयोजन संबंधी खर्चों के लिए व्यय करने की योजना है।

इस व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के अवसर पर महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता मिलती है।

एक ही पंडाल में विवाह और निकाह, सामाजिक समरसता का संदेश :

समारोह में सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का विशेष अवसर देखने को मिला। हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार कराया गया। सभी जोड़ों को उनकी परंपराओं और मान्यताओं के अनुरूप सम्मानपूर्वक वैवाहिक जीवन में प्रवेश कराया गया। यह आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने का प्रेरक उदाहरण बना।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल