12 से 14 नवंबर तक होगा 28वां मानस सम्मेलन, तैयारियों को लेकर हुई बैठक
देश-प्रदेश के मानस वक्ता रामकथा के माध्यम से देंगे संस्कारों और मर्यादा का संदेश
औरैया, 10 अक्टूबर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में बाबरपुर-अजीतमल कस्बे में आयोजित होने वाले 28वें तीन दिवसीय मानस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर फफूंद रोड स्थित मनकामेश्वर मंदिर में मानस सम्मेलन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर उमेश दीक्षित ने की, जबकि संचालन समिति के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य राम अवतार गुप्ता ने किया। बैठक में सम्मेलन की रूपरेखा, आयोजन की व्यवस्थाओं, मानस वक्ताओं को आमंत्रित करने तथा कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने पर चर्चा की गई।
समिति की ओर से बताया गया कि 28वां तीन दिवसीय मानस सम्मेलन आगामी 12, 13 और 14 नवंबर को बाबरपुर बाजार स्थित सब्जी मंडी में आयोजित होगा। सम्मेलन में देश और प्रदेश के मानस वक्ता रामकथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का संदेश देंगे। रामचरितमानस के प्रसंगों के जरिए लोगों को नैतिकता, सदाचार, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक समरसता के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में सम्मेलन के लिए आमंत्रित किए जाने वाले मानस वक्ताओं के नामों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें रमेश जी रामायणी, राजेंद्र पाठक, राजेंद्र मिश्र, सीताशरण जी महाराज, पुष्पांजलि शुक्ला और रुचि रामायणी सहित अन्य मानस वक्ताओं के नाम शामिल रहे। वक्ताओं के कार्यक्रम और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपने सुझाव रखे। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में समिति के महामंत्री डॉ. राम दर्शन कठेरिया, राम बहादुर तिवारी, लक्ष्मण तिवारी और संजीव पोरवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजन को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए। वहीं, कोषाध्यक्ष राम अवतार गुप्ता ने गत वर्ष आयोजित सम्मेलन के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। आयोजन की व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान राम बिहारी दुबे, पूर्व सैनिक नादान वर्मा, हनुमान सिंह चौहान, पंडित शिवराम शुक्ला, लालजी पोरवाल, बृजेश कठेरिया, कृष्ण मुरारी कुशवाहा, सुरेंद्र कुमार गुप्ता, रवि गुप्ता, अमित गुप्ता और अभिनव पोरवाल सहित समिति के अन्य सदस्य एवं सहयोगी मौजूद रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मानस सम्मेलन धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। रामकथा के माध्यम से लोगों को सद्मार्ग पर चलने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

