home page

कुशीनगर : राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.21 लाख वाद निस्तारित, 9.63 करोड़ की टोकन मनी वसूली

 | 
कुशीनगर : राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.21 लाख वाद निस्तारित, 9.63 करोड़ की टोकन मनी वसूली


कुशीनगर, 12 सितंबर (हि.स.)। जनपद में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों और विभागों से जुड़े 1,21,108 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान बैंक ऋण से जुड़े मामलों में 9.63 करोड़ रुपये की टोकन मनी भी वसूल की गई।

लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति, जजशिप कुशीनगर जितेन्द्र कुमार सिन्हा एवं उनकी धर्मपत्नी संगीता सिन्हा तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजीव कुमार त्यागी एवं उनकी धर्मपत्नी शालिनी त्यागी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

विशेष लोक अदालत के तहत 9, 10 और 11 सितंबर को 155 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,20,953 वादों का निस्तारण हुआ। इस तरह कुल 1,21,108 मामलों का निस्तारण किया गया।

फौजदारी के 7,057 वादों का निस्तारण करते हुए जुर्माने के रूप में 1,18,235 रुपये वसूलकर राजकीय कोष में जमा कराए गए। वहीं, 28 मोटर दुर्घटना क्लेम वादों का निस्तारण कर मृतकों और घायलों के आश्रितों को कुल 1.56 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया गया।

लोक अदालत में बैंकों ने प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक ऋण से संबंधित 2,048 मामलों का निस्तारण किया। इन मामलों में ऋणधारकों से 9,63,39,072 रुपये की टोकन मनी वसूल की गई। इसके अलावा 1,190 राजस्व वाद, 112 विद्युत बिल संबंधी मामले और 44 श्रम विवाद भी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किए गए।

राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक विवादों के निस्तारण के दौरान भावनात्मक पहल भी देखने को मिली। परिवार न्यायालय में लंबे समय से चल रहे विवादों को आपसी सुलह-समझौते के जरिए खत्म कराया गया। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने छह और अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने चार दंपतियों के विवाद समाप्त कराए।

इस तरह कुल 10 दंपतियों को फिर से साथ रहने के लिए राजी कराया गया और उन्हें पति-पत्नी के रूप में साथ जीवन बिताने के लिए न्यायालय परिसर से विदा किया गया। परिवार न्यायालयों द्वारा कुल 102 वादों का निस्तारण किया गया।

लोक अदालत के अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अभय पाण्डेय के सहयोग से दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। प्रशासनिक न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार सिन्हा और जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने लाभार्थियों को उपकरण प्रदान किए।

उप मुख्य चिकित्साधिकारी आरडी कुशवाहा के सहयोग से पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

लोक अदालत में 50वीं बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आगमन पर पाइलेटिंग की। वहीं, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के प्रचार-प्रसार के लिए केले से बने उत्पादों का स्टॉल भी लगाया गया।

कार्यक्रम में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, अधिवक्तागण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी, पैरा लीगल वालंटियर्स और बड़ी संख्या में वादकारी मौजूद रहे। पैरा लीगल वालंटियर्स ने विभिन्न क्षेत्रों से आए वादकारियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का त्वरित और सरल निस्तारण कराकर आम लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक