मुरादाबाद : एक माह में चारों तहसीलों के अंतर्गत कुल 475 शिकायतों का शत-प्रतिशत हुआ निस्तारण
मुरादाबाद, 2 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनहितैषी विजन, 'जीरो टॉलरेंस' नीति और त्वरित निस्तारण के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जिला प्रशासन ने आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। जिले में संचालित 'मिशन सम्पूर्ण समाधान' विशेष अभियान के जरिए बीते 01 माह में मुरादाबाद चारों तहसीलों के अंतर्गत कुल 475 शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया गया है। जिलाधिकारी अनुनय झा के नेतृत्व में चल रहे इस सघन अभियान का सीधा उद्देश्य जनता को बेवजह दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और पात्र व पीड़ित व्यक्तियों तक शासन की जनकल्याणकारी व्यवस्था का सीधा लाभ पहुंचाना है।
प्रतिदिन न्यूनतम 05 निस्तारण का कड़ा नियम और सीधी प्रशासनिक निगरानी :
जनसमस्याओं के समाधान की गति और गुणवत्ता को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी अनुनय झा ने स्पष्ट कार्ययोजना लागू की है। इसके तहत जिले की चारों तहसीलों में प्रत्येक कार्यदिवस पर कम से कम 05 प्राथमिक शिकायतों का अंतिम व संतोषजनक समाधान अनिवार्य किया गया है। जिलाधिकारी स्वयं हर तहसील से प्रतिदिन निस्तारित होने वाले इन न्यूनतम 05 मामलों की प्रगति रिपोर्ट तलब कर रहे हैं और गुणवत्ता की सीधी समीक्षा कर रहे हैं। इस सतत निगरानी व्यवस्था का असर यह हुआ कि बीते 01 माह में कुल 475 मामले निर्णायक रूप से हल हुए, जिनमें तहसील कांठ में सर्वाधिक 130, तहसील ठाकुरद्वारा में 125 तथा तहसील सदर व बिलारी में 110-110 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
386 भूमि-राजस्व और 74 राशन-आपूर्ति विवाद सुलझे :
अभियान की सफलता विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल और सक्रिय सहभागिता में दिखाई दे रही है। निस्तारित कुल 475 मामलों के विभागवार आंकड़ों पर गौर करें तो सर्वाधिक 386 मामले अकेले राजस्व विभाग से जुड़े रहे, जिन्हें प्राथमिकता पर सुलझाया गया। इसके पश्चात खाद्य एवं रसद (पूर्ति) विभाग की 74 शिकायतों का प्रभावी समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास से जुड़ी 05, समाज कल्याण विभाग की 03, विद्युत आपूर्ति से संबंधित 02 शिकायतों का सफल निस्तारण हुआ। वहीं पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य महकमे, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, कृषि विभाग तथा स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की भी एक-एक शिकायत को निस्तारित कर जनता को राहत पहुंचाई गई।
मौके पर जांच और साक्ष्यों के आधार पर फैसला :
योगी सरकार के पारदर्शी शासन मॉडल के अनुरूप शिकायतों के निस्तारण में केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने की पुरानी प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया गया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के तहत हर शिकायतकर्ता की मूल समस्या की तह तक पहुंचकर उसका स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। इसके लिए विभागीय अधिकारी सबसे पहले संबंधित प्रकरणों का बारीकी से अभिलेखीय परीक्षण करते हैं, आवश्यकता पड़ने पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमें धरातल पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करती हैं तथा सभी संबंधित पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी बात सुनती हैं। विधिक नियमों के दायरे में रहकर साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
लापरवाही और अनावश्यक विलंब पर सख्त चेतावनी :
जिलाधिकारी अनुनय झा ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को दो-टूक निर्देशित किया है कि शासन और प्रशासन की प्राथमिकता सूची में पीड़ित व्यक्ति की संतुष्टि ही सबसे ऊपर है। 'मिशन सम्पूर्ण समाधान' का मूल ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को अपने जायज अधिकार के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर बरती जाने वाली हीलाहवाली, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता का फीडबैक और उसकी संतुष्टि ही कार्रवाई की सफलता का अंतिम मानक तय करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

