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हिंदू राष्ट्र से पहले गो-हत्या पर प्रतिबंध प्राथमिकता : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

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हिंदू राष्ट्र से पहले गो-हत्या पर प्रतिबंध प्राथमिकता : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद


सुलतानपुर, 07 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में ज्योतिष पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हिंदू राष्ट्र' की मांग पर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि प्रतीकों की राजनीति से अधिक गौ माता का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने सवाल किया, अरे पहले गौ माता की हत्या तो बंद कराओ! आज हिंदू राष्ट्र घोषित कर दोगे, तो क्या कल सवेरे से वहां गौ हत्या बंद हो जाएगी?

अपनी 'गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा' के सिलसिले में शनिवार को सुल्तानपुर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने गौ रक्षा, हिंदू राष्ट्र और केंद्र-राज्य सरकारों के बीच तालमेल पर बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने आगे कहा कि यदि हिंदू राष्ट्र में भी गौ हत्या जारी रहती है, तो यह अपमानजनक होगा। इसलिए, उनकी प्राथमिकता है कि पहले गौ हत्या बंद हो, बाकी बातें बाद में।

जब उनसे पूछा गया कि गौ रक्षा के लिए कानून केंद्र सरकार को बनाना है, तो वे राज्यों में प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं, इस पर शंकराचार्य ने संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार तब कानून बनाती है जब राज्य सरकारें अपने यहां कानून बनाकर केंद्र को प्रस्ताव भेजती हैं। उनके अनुसार, राज्यों का समूह ही केंद्र सरकार है और जब राज्यों की ओर से प्रस्ताव जाएगा, तभी केंद्र इस पर काम करेगा।

फूलों से सजी गाड़ी में सवार शंकराचार्य ने लखनऊ रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात की। लंभुआ थाने के बगल स्थित हनुमान मंदिर पर भी उनका भव्य स्वागत हुआ, जहां उन्होंने बजरंगबली की आरती उतारी और परिक्रमा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त